• Sat. Jun 25th, 2022

अंहिसा

Byadmin

Jan 20, 2022

:-: अंहिसा :-:
इस ब्रह्मांड की उत्पत्ति ही विस्फोट( big bang) यानि हिंसा से ही हुई हैं।अहिंसा जैसा कोई भी शब्द इस भौतिक ब्रह्मांड में अस्तित्व में नहीं हैं।अहिंसा शब्द को समाज को दुर्बल व तामसिक बनाने के लिए रचा गया हैं।अंहिसा का सहारा लेकर अपने कर्म से मुंह मोड़ने वाले स्वार्थी व कायर होते हैं और समाज को भी अधर्म की ओर धकेलते हैं। सभी प्राकृतिक बातें चाहे बवंडर,गर्मी,बारिश ,ज्वालामुखी,सुनामी,हवा सभी में हिंसा हैं, अहिंसा किसी में भी नहीं।प्रकृति प्रदत्त जिस जीव को जो धर्म दिया गया हैं ,उसकी रक्षा के लिए हिंसा करना कोई पाप नहीं हैं।कोई न्यायाधीश या पुलिस वाला सोचे कि हिंसा करना तो पाप हैं, और वह अपराधी को दंड ही न दे,तो यह सात्विकता वाली नहीं मूर्खता वाली बात होगी।जब कोई गर्भवती असहनीय पीड़ा सहकर यानि हिंसित होकर संतान को जन्म देती हैं, तब ही ममता व प्रेम का अर्थ समझतीं हैं, ठीक उसी प्रकार धर्म स्थापना के लिए हिंसित होना आवश्यक हैं। इसलिए धर्मानुसार हिंसा करना ही सनातनी मर्यादा हैं।विजय धर्म की ही होगी।
धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

AllEscort