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अवैतनिक कार्य

Byadmin

Jan 19, 2022

:-: अवैतनिक कार्य :-:
कहा जाता हैं कि महिलाएं घर का कार्य बिना वेतन लिए करती हैं, जिसे अवैतनिक कार्य कहते हैं।इस तरह की अवधारणा समाज में महिला पुरूष के मध्य में सामाजिक व मानसिक असंतुलन पैदा करने के लिए रची गई हैं।सनातन संस्कृति में महिला पुरुष दोनों को ही कार्य करने की स्वतंत्रता थी और सभी कार्य घर से होते हैं।मानसिक ग़ुलामी के लिए लाए गए पश्चिमी नौकरी तंत्र ने महिला पुरूष में भेदभाव उत्तपन्न किया,जिनके कारण अतिमहिलावाद जैसी बातें बाहर आई,जिससे महिलाओं द्वारा पुरुषों पर अत्याचार बढ़ा, जिसके कारण महिला आयोग के समानातंर पुरुष आयोग की मांग की जाने लगीं।घर या समाज के कार्य करना,महिला, पुरूष और अन्य सभी का उत्तरदायित्व होता हैं,जिसके लिए कोई भी कुछ भी वेतन नहीं लेता।पुरुष भी घर के अनेकों कार्य स्वेच्छा से निशुल्क ही करतें हैं।इस बात को हम सभी अपने आसपास के समाज में आसानी से अनुभव कर सकते हैं।अगर महिला पुरूष एक ही परिवार में रहकर,पारिवारिक कार्यो को करने के लिए वेतन की मांग करने लगेंगे ,तो इससे उनके ही परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।ऐसे तो घरों में अगर पुरूष के पास एक जोड़ी कपड़े होंगे,तो उस अनुपात में महिला के पास 10 जोड़ी कपड़े तो होंगे ही,तो क्या यह असमानता हैं??एक परिवार को परिवार बनाने में महिलापुरुष दोनों का ही बराबर योगदान होता हैं।पुरुषों द्वारा किये गए कार्यों को कम आंकना,परिवार व सामाजिक ढांचे को दुर्बल करता हैं।माता पिता दोनों के ही आपसी सामंजस्य से ही परिवार सुदृढ़ बनता हैं।विजय सत्य की ही होगी।

धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

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