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आदिवासी या वनवासी

Byadmin

Aug 17, 2021

:-: आदिवासी या वनवासी :-:
आदिवासी शब्द सन 1860 के बाद से आधिकारिक रूप से अस्तित्व में आया।उससे पहले वन में रहने वाले लोगों के लिए वनवासी शब्द का उपयोग किया जाता हैं।इसलिए वर्तमान के कुछ हिंदी संस्करणो को छोड़ दे,तो किसी भी सनातन ग्रंथ में आपको आदिवासी शब्द नहीं मिलेगा।वनों के खनिज पदार्थों और अन्य प्राकृतिक संपदा का दोहन करने के लिये, वनवासियों को उनके वनीय आवासों से निकाला गया और फ़िर वनवासियों के विद्रोह से बचने के लिये उन्हें आदिवासी शब्द के रूप में प्रचारित करके ,नियम कानूनों में उलझाकर उनका शोषण किया गया।यहीं कारण हैं कि हमारे पूर्वोत्तर राज्यों में इन्हीं 1860 के बाद बने नियम कानूनों की आड़ लेकर,उनका संप्रदाय परिवर्तन करके,उन्हें आपस में लड़वाकर,पूर्व क्षेत्र की सारी प्राकृतिक संपदा को लूट कर विदेशों में भेजा गया और वहीं कानून और व्यवस्था आज भी वहां पर लागू हैं।अगर हमें प्रकृति को संरक्षित करना हैं, तो वनवासियों को उनका खोया हुआ आत्मसम्मान और आवास लौटाना होगा,भारत की 70% से अधिक प्रकृति को नष्ट कर चुके,यह नियम क़ानून ,शीघ्र ही सारे पर्यावरण को नष्ट कर देंगे।

धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

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