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कांग्रेस के प्रमुख नेता पी चिदंबरम कश्मीर में पुनः धारा 370 लागू करने की बातें कर

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Oct 20, 2020

“कांग्रेस”

कांग्रेस के प्रमुख नेता पी चिदंबरम कश्मीर में पुनः धारा 370 लागू करने की बातें कर रहे हैं,

शशि थरुर पाकिस्तान के लिटरेचर फेस्टिवल में भारत व् भारत सरकार को कोस रहे हैं, “भारत में अल्पसंख्यकों का दमन हो रहा है” जैसे फर्जी नैरेटिव फैला रहे हैं और पाकिस्तान की शान में कसीदे पढ़ रहे हैं,

कॉन्ग्रेस पार्टी बिहार चुनाव में उस आतंकी व्यक्ति को टिकट दे रही है जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पटना रैली में बम धमाके करवाये थे। अतीत में कांग्रेस कई नक्सलियों और माओवादियों को भी टिकट दे चुकी है।

आज कांग्रेस से बड़ा शत्रु भारत का कोई नहीं है, और जितनी हानि कांग्रेस ने इस देश को पहुंचाई है उतनी आज तक कभी कोई नहीं पहुंचा सका।

कांग्रेस भारत से किस स्तर तक जाकर द्वेष, घृणा और नफरत करती है यह समझना हो तो हाल के वर्षों में कांग्रेस का आचरण देखिए, किसानों के हित हेतु लाये रिफॉर्म का विरोध किया, 370 हटाने का विरोध किया, राम मंदिर का विरोध किया गया, भारतीय वायु सेना को रफाल फाइटर जेट ना मिले इसका भी पूरा प्रयास किया, दिल्ली हिंसा में खुलकर एंटी सीएए दंगाइयों का समर्थन किया, हाथरस कांड में बकायदा बड़े स्तर पर अफवाहें फैलाकर जातीय हिंसा आगजनी मारकाट का षड्यंत्र प्लान किया, भारत विरोधी नारे लगाने वाले क्रिस्लामोकॉमियों का खुलकर समर्थन किया, भारत विरोधी गतिविधियां चलाने वाले एनजीओ और ऐसे अन्य संगठनों का खुलकर बचाव और समर्थन किया, गुजरात और मध्य प्रदेश में इसी कांग्रेस के नेता दंगे और हिंसा भड़काने के प्रयास करते वीडियो सबूत के साथ पाए गए, और किस प्रकार कांग्रेस अपने मुखपत्र नेशनल हेराल्ड, सोशल मीडिया अकाउंट्स और हैंडल्स पर पोस्ट कर भारत व् भारत सरकार के विरुद्ध दुष्प्रचार कर विश्वभर में भारत की छवि खराब करने, भारत को नीचा दिखाने, भारत सरकार पर निशाना साधने और भारत की जनता को झूठ के सहारे भ्रमित करने का कुत्सित प्रयास कर रही है वह तो किसी से भी नहीं छुपा है।

अपनी स्थापना के समय से ही कॉन्ग्रेस ऐसे ही कुचक्र चलाती और इस देश की जनता को छलती आ रही है, अपने गठन के बाद से ही कांग्रेस राष्ट्रवादीयों की पीठ में छुरा भोंक कर भारत के शत्रुओं की सहायता करती आई है

कांग्रेस में सदैव एक से एक बड़े वकील थे परंतु सोचिये उनमें से कितनों ने भगत सिंह, सुखदेव राजगुरु की फांसी रुकवाने हेतु कोई प्रयत्न भी किया ?

सुभाष चंद्र बोस जैसे लोग जब कांग्रेस के अध्यक्ष बने तो बकायदा षड्यंत्र कर उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़कर अलग मार्ग चुनने हेतु बाध्य कर दिया गया।

जिन्ना को पालने वाली कांग्रेसी थी और दशकों तक मोहम्मद अली जिन्ना कांग्रेस के सदस्य रहे और फिर सत्ता की हवस में कांग्रेस ने ही लाखों लाख निर्दोष हिंदुओं के शवों पर इस देश का बंटवारा कराया

1948 में जब भारतीय सेना सफलतापूर्वक पाकिस्तान से कश्मीर पूरी तरह वापस लेने जा रही थी और मात्र 10 दिनों का समय और मांगा था, तब कांग्रेसी नेहरू सीजफायर घोषित करवा कर इस विषय को यूनाइटेड नेशन ले गए और आधा कश्मीर पाकिस्तान के कब्जे में रह गया

कॉन्ग्रेस ने इंडस वॉटर ट्रीटी के अंतर्गत भारत का 70% पानी पाकिस्तान को दे दिया और केवल 30% भारतीय जनमानस के लिए रखा, पूरे विश्व भर में आपको कहीं भी ऐसी मूर्खतापूर्ण बेढब और पक्षपात करने वाली जलसंधि नहीं मिलेगी

एक समय था जब भारत की सीमा चीन से लगती तक नहीं थी और भारत का पड़ोसी देश तिब्बत हुआ करता था, परंतु जब चीन ने तिब्बत पर आक्रमण किया तो जवाहरलाल नेहरू चीन को पीछे धकेलने के बदले चीन के सैनिकों को भोजन के लिए चावल भिजवा दे रहे और 3 साल तक उन्हें भोजन कराते रहे कि वह सरलता से तिब्बत पर कब्जा कर ले, उसके बाद जब चीन ने भारत की सीमाओं के अंदर भी अतिक्रमण शुरू किया तो कांग्रेसी नेहरू हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे, 1962 के युद्ध में भी भारतीय सैनिकों को ना गर्म कपड़े उपलब्ध कराए गए, ना वायु सेना इस्तेमाल की गई, ना पर्याप्त मात्रा में गोली बम बारूद ही सैनिकों को उपलब्ध कराया गया था, उस कालखंड का इतिहास देख कर ऐसा लगता है कि मानो नेहरू स्वयं चाहते थे कि चीन सरलता से भारत की भूमि पर कब्जा कर ले,

कश्मीर के मीरपुर जैसे शहर में पाकिस्तानी सेना द्वारा घुसपैठ कर जब सभी सिखों और हिंदु नागरिकों का पाकिस्तान द्वारा नरसंहार किया जाता रहा तब मात्र कुछ किलोमीटर दूर डिप्लॉयड भारतीय सेना को फुल निर्दोष मीरपुरवासी भारतीय नागरिकों की सहायता हेतु कूच करने का आदेश तक कांग्रेसी नेहरू ने ना दिया, हजारों निर्दोष हिंदू सिख बच्चे बूढ़े काट दिए गए, और बच्चियों व् महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाकर उन्हें उठाकर पाकिस्तान ले जाया गया।

गांधी वध के बाद हजारों महाराष्ट्रीयन ब्राह्मणों को तो कांग्रेसियों ने अपने हाथों से जिंदा जलाकर मार दिया था व् उनके घर फूंक दिए, और विडंबना देखिए कि कॉन्ग्रेस प्रायोजित इस इतने बड़े नरसंहार का आपको कहीं उल्लेख तक नहीं मिलेगा

करपात्री महाराज के नेतृत्व में संसद भवन के सामने गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने की मांग लिए बैठे निहत्थे निरपराध भजन गाने वाले 3000 साधु संतों बुजुर्गों बच्चों महिलाओं का नरसंहार कांग्रेस के आदेश पर किया गया और यह पूरा घटनाक्रम भारतीय इतिहास और मीडिया के पन्नों से गायब करवा दिया गया

कांग्रेस ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब में भिंडरावाले को पैदा कर हजारों निर्दोष हिंदुओं को मरवाया और फिर 1984 में हजारों सिखों को देशभर में बर्बरता पूर्वक मरवाया,

कांग्रेस ने जानबूझकर बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत में अपना वोट बैंक बनाने के उद्देश्य से फलने फूलने दिया और असम में स्थानीय बोडो व् अन्य वर्गों का नरसंहार भी इन्हीं बंगलादेशी घुसपैठियों के माध्यम से कांग्रेस ने करवाया और जानबूझकर हिंस ग्रसित क्षेत्रों में सेना देर से भेजी गई

गोधरा में निर्दोष कारसेवकों के नरसंहार कांड को रचने में कांग्रेस के ही पूर्व विधायक और पूर्व पार्षद का नाम निकल कर आया था और उन्हें सजा भी हुई

कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए देशभर में नक्सलियों और माओवादियों को पालने का कार्य शुरू किया उनका इस्तेमाल चुनावों में किया गया और बदले में उन्हें अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में एक समानांतर सरकार चलाने और लेवी वसूलने की छूट दे दी जिससे उन क्षेत्रों में रह स्थानीय निवासियों का जीवन नर्क बन गया और लाखों निर्दोष नक्सलियों मां वादियों के हाथों मार दिए गए

सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने उत्तर पूर्व में अल्फा उल्फा सल्फा जैसे आतंकवादी संगठनों को फलने फूलने दिया और स्थानीय निवासी ने कांग्रेस के अपराध का दंश भुगता और यह बर्बर आतंकवादी संगठन स्थानीय लोगों को ही लूटते खसोटते और चूसते रहे

कांग्रेस ने तो सोवियत यूनियन के इशारे पर भारत को भी एक सोशलिस्ट राज बनाने का प्रयास किया था जिसके कारण पूरी अर्थव्यवस्था की ऐसी तैसी कर दी गई थी, सब कुछ सरकारी पंजों के अंतर्गत करने के मूर्खतापूर्ण प्रयास के कारण स्थिति कुछ ऐसी बन गई थी कि राशन की दुकानों तक पर लंबी-लंबी कतारें लगा करती थी, उस कालखंड में उद्योग जगत पर 90% तक टैक्स लगाया गया था लाभ कमाना अपराध की श्रेणी में रखा जाता था और पूरे उद्योग जगत को चौपट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई थी, किसी 90% टैक्स को टैक्स टेररिज्म का नाम दिया गया और वहीं से टैक्स चोरी का चलन बड़े स्तर पर शुरू हुआ

कांग्रेस नहीं भारत के मूल संविधान को विकृत किया और आपातकाल लगाकर आधी रात को बिना कैबिनेट की मंजूरी लिए बिना संसद का सत्र बुलाए भारत के संविधान में जबरदस्ती सेकुलरिज्म और सोशलिज्म जैसे शब्द ठूंस दिए गए और भारत के संविधान की आत्मा और भारत के नागरिकों को इस वितरित किए गए संविधान से उत्पन्न हुए दुष्परिणामों के नर्क को भोगने के लिए विवश कर दिया गया,

1965 और 1971 के युद्ध में भारत की सेना जब शत्रु देश पाकिस्तान की भूमि जीत कर आई तब कांग्रेस ने भारतीय सेना के बलिदान और मेहनत पर कुठाराघात करते हुए वह सब कुछ जीता हुआ क्षेत्र पाकिस्तान को वापस कर दिया, 1971 में तो जब लगभग पूरी पाकिस्तानी सेना ही भारत के पास गिरवी पड़ी थी और सरलता से पूरा कश्मीर वापस लिया जा सकता था और बांग्लादेश को भारत के बंगाल में विलय किया जा सकता था परंतु कांग्रेस ने एक अलग इस्लामिक मुल्क बांग्लादेश बनाया, कश्मीर और पंजाब के महत्वपूर्ण क्षेत्र लेने का प्रयास तक नहीं किया और पाकिस्तान के सारे युद्ध बंदी लौटा दिए वहीं अपना एक भी युद्ध बंदी तक वापस नहीं लिया गया

आपको कांग्रेसियों द्वारा अक्सर ही अमेरिका की बुराई सुनने को मिल जाएगी किंतु अमेरिका ने तो भारत को एशिया का पहला परमाणु स्टेट बनाने का भी प्रयास किया था और नेहरू को ऑफर तक दिया था कि अमेरिकन न्यूक्लियर वेपन भारतीय भूमि पर भारतीय बताकर टेस्ट किया जाएगा, किंतु नेहरू ने इसे नकार दिया,

अमेरिका ब्रिटेन और रूस तो भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सीट तक दिलवाने कब पूरा प्रयत्न कर चुके थे जिसके बाद भारत पर दुनिया का कोई भी देश आक्रमण तक नहीं कर सकता था परंतु कॉन्ग्रेस ने इस ऑफर की गई यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल की परमानेंट सीट भारत के हित में उसे स्वीकारने के बजाय उसे थाली में सजाकर चीन को दे दिया

घोटालों और भ्रष्टाचार की बात करें तो 1947 से लेकर 2014 तक कांग्रेस भारत की जनता को लूटती ही रही, चाहे वह जीप घोटाला हो, बोफोर्स घोटाला हो, 2G, कोयला, अगस्तावेस्टलैंड, नेवी टैंकर, नेवी सबमरीन, mig-21 के घटिया कलपुर्जे, फाइटर विमान के घटिया टायर, टाट्रा ट्रक, एंट्रिक्स देवास आदर्श हाउसिंग या फिर विश्व का सबसे बड़ा बड़ा स्कैम एनपीए घोटाला हो इन सभी के द्वारा भारतीय जनमानस का खून चूसा गया

कांग्रेस द्वारा डिप्लोमेटिक रिलेशंस बिगाड़ने में भी कहीं कोई कसर नहीं छोड़ी गई एक मूर्खतापूर्ण नॉन एलाइनमेंट की पॉलिसी के नाम पर भारत को सोवियत यूनियन का सेटेलाइट स्टेट तक बनाने का प्रयत्न किया गया नेपाल में भारत के प्रति सदा मित्रवत रहे राज परिवार द्वारा नेपाल का भारत के राज्य के रूप में विलय के प्रस्ताव को दो बार ठुकराया गया, और फिर बाद में उसी नेपाल के राज परिवार को रॉ के माध्यम से विभिन्न आंदोलन चलाकर सत्ता से बेदखल कर भारत के शत्रु वामपंथियों के हाथ में सत्ता दे दी गई, ओमान के शेख द्वारा दिया जा रहा ग्वादर का डीप सी पोर्ट तक लेने से मना कर दिया गया

आज भारत को न्यूक्लियर फ्यूल सप्लाई करने वाले जापान ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के संग कभी डिप्लोमेटिक संबंधों को उचित महत्त्व नहीं दिया गया हालत यह थी कि भारतीय प्रधानमंत्री के इन देशों में किए जाने वाले दौरे भी मात्र औपचारिकता तक सीमित थे, अमेरिका कैसा देश मित्रता का हाथ बढ़ाए खड़ा था परंतु बार बार कांग्रेस द्वारा उस हाथ को पीछे ढकेल कर उसे पाकिस्तान की ओर कर दिया गया

राष्ट्रीय सुरक्षा से भी किस प्रकार खिलवाड़ कांग्रेस द्वारा किया गया वह भी आज तक कभी किसी देश में नहीं हुआ होगा, सियाचिन ग्लेशियर जैसा महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान पाकिस्तान को देने के प्रयास किए गए, हालत यह थी कि समझौता ब्लास्ट का आतंकवादी हमला करने वाले पाकिस्तानी आतंकवादियों को पकड़ने के बाद बिना जांच किए उन्हें चुपचाप सुरक्षित वापस पाकिस्तान भेज दिया गया और वह आरोप सेना के लिए आतंकवादी संगठनों में सेंध लगाकर इंटेलिजेंस का कार्य कर रहे कर्नल पुरोहित पर लगाकर उन्हें वर्षों तक जेल में डालकर प्रताड़ित किया गया,

कांग्रेस द्वारा भारत की सशस्त्र सेनाओं को भी कमजोर करने में कहीं कोई कसर नहीं छोड़ी गई दशकों तक भारतीय सेना एक नई आर्टिलरी गन की मांग करती रही परंतु वह उसे नहीं मिली, हालत यह थी कि भारतीय सैनिकों को बुलेट प्रूफ जैकेट, नाइट विजन डिवाइसेज, बैलेस्टिक हेलमेट एक अच्छी स्नाइपर और असाल्ट राइफल तक के लिए अनेकों बार कांग्रेस सरकारों से निवेदन करने पड़े, किंतु कांग्रेस ने कभी इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया, सेना की मजबूरी की स्थिति यह थी कि भारतीय सैनिकों को अपने रेगुलर हेलमेट के नीचे एक लोहे का मोटा पटका लगाकर शत्रुओं की गोलियों से अपने मस्तक की रक्षा करनी पड़ती थी।

कॉन्ग्रेस के कुशासन में भारतीय नेवी की दुर्दशा तो ऐसी थी की अनेकों बार पत्र लिखकर सबमरीन की नई बैटरीज की मांग करने के बावजूद उन्हें नई बैटरीज नहीं दी जाती थी, और इसी कारण एक बड़ा हादसा भी हुआ था जब एक सबमरीन की बैटरी निकाल कर दूसरी सबमरीन में लगाते समय उसमें धमाका हो गया और कई भारतीय नौसैनिक उस एक्सीडेंट में अपने प्राण गवा बैठे।

चीनी सीमा लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन की गतिविधियों को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने अनेकों बार कांग्रेस सरकारों से दौलत बेग ओल्डी की एयरस्ट्रिप को चालू करने की अनुमति मांगी, परंतु वह अनुमति बार-बार देने से मना किया गया, बाद में वायुसेना द्वारा खीजकर बिना सरकार को जानकारी दिए ही यह एयरस्ट्रिप चालू कर दी गई,

चीन से लगने वाली सीमा पर भारतीय सेना अनेकों बार ऑल वेदर मोटरेबल स्ट्रेटजिक रोड और स्ट्रेटजिक ब्रिजेज़ बनाने की मांग करती रही थी परंतु कांग्रेस के राज में जानबूझकर इन कामों को या तो रोके रखा गया, या इनकी गति इतनी धीमी कर दी गई कि इन्हें पूरा होने में अगले 100 साल लग जाएं, जिसका फायदा चीन ने उठाया और भारत से लगने वाली अपनी सीमाओं पर मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर निरंतर सुद्रढ़ करता चला गया।

कांग्रेस पार्टी ने चीन से पैसे लेकर चीन की वामपंथी सरकार के संग मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग साइन करके रखा था कि चीन की प्रत्येक नीति का कांग्रेस समर्थन करेगी, मात्र इतना ही नहीं सत्ता में रहते हुए यूपीए वन और यूपीए-2 के समय भारत का 972 वर्ग मील का इलाका कांग्रेस ने चीन को सौंप दिया था और साथ ही चीन के लिए भारतीय बाजार भी पूरी तरह खोल दिए जिसका परिणाम यह हुआ कि भारत का चीन के संग व्यापार घाटा अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया

कांग्रेस पार्टी जेहाद की यूनिवर्सिटी चलाने वाले जाकिर नायक को आईएएस पीसीएस को लेक्चर देने के लिए आमंत्रित करती थी कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जाकिर नायक के साथ मंच साझा करते देखे गए थे, वही जाकिर नायक जिसके लेक्चर और वीडियो से प्रेरणा लेकर अनेकों इस्लामिक छात्र जेहादी आतंकवाद में लिप्त हुए और रोचक बात यह कि उसी जाकिर नायक से कांग्रेस अपने राजीव गांधी फाउंडेशन में पैसे लिया करती थी, समझना मुश्किल नहीं कि जाकर नाइक से पैसे लेकर कांग्रेस ने उसे भारत में अपनी जिहादी गतिविधियां चलाने की खुली छूट दे रखी थी

कांग्रेस द्वारा भारत की बहुसंख्यक हिंदू आबादी के माथे पर हिंदू आतंकवाद का कलंक पूर्ण निशान लगाने का प्रयत्न तक किया गया और आज तक कांग्रेस पार्टी की ओर से इस प्रकार के बयान आते रहते हैं और बहुसंख्यक हिंदुओं को नीचा दिखाने का कांग्रेस द्वारा कोई अवसर नहीं छोड़ा जाता,

मात्र इतना ही नहीं कांग्रेस के राज में देश भर में हर सप्ताह आतंकवादी अपनी इच्छा अनुसार जहां चाहे आतंकवादी हमले और बम ब्लास्ट किया करते थे जिनमे लाखों निर्दोष हिंदू मारे गए, परंतु कभी भी कांग्रेस द्वारा इन जेहादी आतंकवादी हमलों पर रोक लगाने का कोई प्रयास नहीं किया गया और तो और अभी तक कांग्रेस द्वारा अपने आधिकारिक मुखपत्र नेशनल हेराल्ड में पुलवामा आतंकवादी हमले को अंजाम देने वाले आदिल अहमद डार के प्रति सहानुभूति पूर्ण लेख लिखे जाते हैं।

कश्मीर में आतंकवाद जिहाद हिंसा अलगाववाद को बढ़ावा देने हेतु धारा 370 भी कांग्रेसी की देन थी जिसके हट जाने पर वे आज भी शोक मनाते फिरते हैं और सत्ता में आने पर इसे पुनर्स्थापित करने की बातें भी करते दिखते हैं

यह कांग्रेसी की देन थी कि भारत में हिंदुओं के लिए तो हिंदू मैरिज एक्ट लाया गया परंतु मुस्लिम आबादी के लिए शरिया कानून चलने दिया गया यानी एक हिंदू एक समय में एक ही शादी कर सकता था और तलाक के लिए वह कोर्ट और फिर अपनी आधी संपत्ति और माता-पिता की चौथाई संपत्ति देने को बाध्य हुआ, परंतु मुस्लिम समाज में 14-15 वर्ष की बच्ची से भी शादी की जा सकती था, एक बार में 4 पत्नियां रखी जा सकतीं है और फिर तीन तलाक बोलकर नई पत्नियां ला सकता था और रही बात डायवोर्स की तो बस तीन बार तलाक बोलो और औरत को घर से बाहर निकाल खड़ा करो और पल्ला झाड़ लो कोई कोर्ट कचहरी का लफड़ा नहीं और कोई गुजारा भत्ता देने की आवश्यकता नहीं,

इन कानूनों के निर्माण द्वारा कांग्रेस का उद्देश्य था तेजी से भारत में हिंदुओं की आबादी की तुलना में अन्य धर्मों की आबादी का अनुपात बढ़ाना जिससे कि भारत का मूल चरित्र और संस्कृति को ही बदला जा सके

जब इतने से भी मन नहीं भरा तो फिर कांग्रेस द्वारा हिंदुओं का दमन करने हेतु एक कम्युनल वायलेंस बिल भी लाया गया जिसके अंतर्गत अपराध के किसी भी धर्म का व्यक्ति क्यों ना करें परंतु अपराधी केवल हिंदू ही माना जाएगा भले यह दिल भाजपा के प्रयासों के कारण पास नहीं हो सका परंतु फिर भी इसने कांग्रेस की वास्तविक मंशा अवश्य उजागर कर दी थी।

कांग्रेस ने हीं यह नियम बनाया था कि अल्पसंख्यक धर्म के लोग तो अपने धर्मस्थलों के माध्यम से शैक्षिक संगठन स्वतंत्र होकर इस देश में चला सकेंगे परंतु हिंदू अपने गुरुकुल अपने धर्मस्थलों के माध्यम से नहीं चला सकते, और साथ ही अन्य धर्मों के पूजन स्थल पर तो कोई टैक्स नहीं लगाया गया परंतु हिंदुओं के मंदिरों के कोष पर अवश्य कांग्रेस ने अपने जहरीले दांत गड़ा कर उन्हें चूसना शुरू कर दिया और उनसे टैक्स स्वरूप वसूले गए उसी धन का इस्तेमाल हज सब्सिडी के रूप में धर्म विशेष के लोगों को को लाभ पहुंचाने हेतु दिया गया।

कांग्रेस द्वारा हिंदुओं को अपने विरासत और संस्कृति से काटने हेतु कानून भी इस प्रकार बनाए गए कि हिंदुओं की आस्था पर होने वाले किसी भी हमले और आक्रमण पर दोषी को कड़ा दंड नहीं दिया जा सके, आज यही कारण है कि खुलेआम टटपुँजिया व् छूटभय्ये भी हिंदू आस्था, हिंदू देवी देवताओं, हिंदू परंपराओं और हिंदू पूजा पद्धति पर निकृष्ट से निकृष्ट टिप्पणियां भद्दी गाली गलौज कर साफ बच निकलते हैं और दशकों को तक कांग्रेस सरकारों ने इस मानसिकता को बढ़ावा देकर आज इस स्तर पर पहुंचा दिया की ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आने वाली वेब सीरीज पर अब सीधे-सीधे हिंदू देवी देवताओं को गालियां दी जाती हैं और हिंदू उचित कानून के अभाव में उन पर कोई कड़ी कार्यवाही तक नहीं कर सकते,

कांग्रेस द्वारा कमाई गई शोहरत की हालत यह है कि 26/11 का आतंकवादी हमला करने वाला यूनाइटेड नेशंस डेजिग्नेटिड वैश्विक आतंकवादी हाफिज सईद तक अपने इंटरव्यू में नाम लेकर कांग्रेस और सोनिया गांधी की प्रशंसा में कसीदे गढ़ता दिखता है।

साभार

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