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कुम्हार या potter

Byadmin

Aug 23, 2021

:-: कुम्हार या potter :-:
सनातन संस्कृति में मिट्टी के बर्तन बनाने वाली जाति को कुम्हार कहते थे,जिन्हें 1860 के बाद आये कुछ मूर्ख महापुरुषों द्वारा शोषित और पिछड़ा प्रमाणित किया गया।जाति शब्द को अंग्रेजी भाषा में Caste कहकर, भारतीय व्यवसायिक व्यवस्था को समाप्त करके ,भारतीयों को आपस में लड़वाया गया।आज वहीं कुम्हार वाला काम मात्र कुछ दशकों में ही अंग्रेजी नाम potter के साथ वापिस आ गया हैं और वर्तमान में देश के सैकड़ों युवा ,गर्व के साथ उसी potter वाले काम को start up या ecofreindly बोलकर कर रहे हैं और करोड़ो रुपए कमा रहे हैं।जब कोई एक ही तरह के व्यवसाय करने वाले लोग,आपास में विवाह करते हैं, तो उनकी संतान में स्वतः ही उस व्यवसाय के गुण आ जाते हैं, यहीं हमारी जातिव्यवस्था थी। जाति का मतलब job या business होता हैं,caste नहीं।इसलिये अपनी अपनी जाति यानि व्यवसाय पर गर्व करिये,नहीं तो आप काम तो वहीं करेंगे,जो आपके पूर्वज हज़ारों वर्षों से करते आ रहे हैं, लेकिन अपनी मातृभाषा के प्रति हीनभावना से पीड़ित होकर अपना आत्मसम्मान खो देंगे।जिसे आज आप सब स्वयं में अनुभव कर सकते हैं।गर्व से कहिये कि आप सनातनी हैं।

धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

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