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कुष्मांडा माँ

Byadmin

Oct 9, 2021

:-: कुष्मांडा माँ :-:
कुष्म का अर्थ कददू, कुष्मांडा का मतलब हुआ कददू का आकार। गर्भवती महिला का पेट,पृथ्वी,सौरमंडल और ब्रह्मंड का आकार कद्दू के समान अंडाकार होता हैं, इसलिये कुष्मांडा माँ की कथा में ब्रह्मंड की उत्तपत्ति का रहस्य छुपा हुआ हैं।यह ब्रह्मांड माँ के गर्भ के समान ही हैं,जैसे गर्भ में बच्चा एमनियॉटिक फ्लूड(पानी की थैली) से घिरा होता हैं, ठीक वैसे ही हमारा सौरमंडल भी एक अदृश्य थैली से घिरा हुआ हैं, जिसके कारण ब्रह्मंड में होने वाले किसी भी विस्फोट का प्रभाव धरती पर नहीं पड़ता।इसके ऊपर ब्रह्मंड भी ऐसी ही एक थैली या आवरण से घिरा हुआ हैं, जिसके कारण ब्रह्मंड के बाहर होने वाले विस्फ़ोट का अंदर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।जैसे बच्चा गर्भ में पानी की थैली में तैरता रहता हैं और सुरक्षित रहता हैं,वैसे ही सभी ग्रह,तारे इस आकाश में तैरते रहते हैं और धरती में हम सुरक्षित रहते हैं,यह धरती भी समुद्ररूपी पानी की थैली से घिरी हुई हैं।इससे पता चलता हैं माँ के गर्भ में ही जीवन और ब्रह्मांड पलता हैं।सबकी रक्षा करने वाली कुष्मांडा माँ की शक्ति रजोगुण से संबंधित हैं।इनका व्रत करने से काम,क्रोध,अहंकार जैसे रजगुणो को नियंत्रित किया जाता हैं,क्षत्रियों द्वारा अपनी कुलदेवी के रूप में पूजा जाता हैं,ताकि प्रजा को अच्छे से पालने के गुण उनमें विकसित हो।
धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

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