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क्षत्रिय या सैनिक

Byadmin

Feb 25, 2022

:-: क्षत्रिय या सैनिक :-:

जब कोई सैनिक या क्षत्रिय ,अंत समय में ,अपने क्षेत्र या क्षेत्रीय लोगों की रक्षा करतें हुए,उसी क्षत्रिय धर्म के प्रति,अपने भाव प्रकट करता हुआ,अपने प्राणों का त्याग करता हैं, तो ऐसा व्यक्ति पुनः क्षत्रिय योनि को प्राप्त करके ही पुर्नजन्म लेता हैं,चाहे वह पक्ष या विपक्ष ,किसी भी ओर से क्यों न हो ! ऐसा सामान्य व्यक्ति भी निस्वार्थ भाव से ,किसी दूसरें जीव की रक्षा के लिए,अपने प्राणों को दांव पर लगाता हैं, वह भी अपने जीवन भर किए गए,पाप कर्मों के प्रभाव को कम कर,उच्च गति को प्राप्त करता हैं।क्षत्रिय कर्म का पालन करतें हुए,अगर उसके द्वारा,अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया जाता हैं और किसी निर्बल जीव को प्रताड़ित किया जाता हैं, तो ऐसे में वह निम्न गति को प्राप्त करता हैं जैसे त्रेतायुग के बाली ने द्वापरयुग में चिड़ीमार के रूप में जन्म लिया।अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान रहना ही ,क्षत्रिय या सैनिक का प्रथम कर्तव्य हैं।विजय सत्य की ही होगी।

धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

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