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गजब का फर्जीवाड़ा मचा रखा है

Byadmin

Jan 9, 2021

गजब का फर्जीवाड़ा मचा रखा है.. जब हम अपनी संस्कृति अपने धर्म अपनी आने वाली पीढ़ियों को बचाने की बात करें तो…
ये देश हिन्दू मुस्लिम राजनीती से नही चलता….. काम से चलता है.. का स्लोगन लटका कर बेइज्जती करने की कोशिश करते हैं… हमें ही अपराधी घोषित करने लगते हैं…

वैसे…..
अगर ये देश हिन्दू मुस्लिम राजनीति से नही चलता तो गांधी और नेहरू ने पाकिस्तान क्यों बनने दिया??

अगर ये देश हिन्दू मुस्लिम राजनीति से नही चलता तो नेहरू, हिंदू विवाह अधिनियम पर क्यों अड़े रहे और बिना देश और संसद की परवाह किये इस बिल को पारित कर दिया?

और अगर ये देश हिन्दू मुस्लिम राजनीति से नही चलता तो राजीव गांधी ने क्यों सुप्रीम कोर्ट के फैसले को खारिज़ कर मुस्लिम विवाह अधिनियम पलट दिया जबकि पूरी संसद उसके पक्ष में थी, 62 साल की शाहबानो को सत्ता के गलियारों में बेइज़्ज़त ना होना पड़ता?

अगर हिन्दू मुस्लिम राजनीति नही होती तो क्यों राजीव गांधी शाहबानो के ठीक बाद चंद घण्टों में मंदिर का ताला खुलवाते, क्यों कि दोनों ओर तुष्टिकरण चाहते थे?

यदि BJP हिन्दू मुस्लिम की राजनीति करती है तो ममता, कांग्रेस, बसपा, सपा और ओवेसी की राजनीति किस पर टिकी है??

अगर हिन्दू मुस्लिम की राजनीति होती है वो कौन लोग हैं जो अफ़ज़ल गुरु को शहीद बताते हैं?

अगर इस देश का हिन्दू और मुस्लिम दोनो अपने को भारतवासी समझते है और BJP के अलावा सभी पाक साफ हैं.. तो 30 साल तक कश्मीर से 5 लाख लोगों को रातों रात कत्लेआम और निर्वासन पर वो चुप क्यों थे??

अगर इस देश की राजनीति भाईचारा सिखाती तो 3 दिन में 5000 सिक्ख ना मारे जाते?

अगर लोगों को देश की आंतरिक सुरक्षा की चिंता होती तो CAA के नाम पर झूठ मूठ जनता को ना भड़काया जाता?

अगर हिन्दू मुस्लिम का मुद्दा नगण्य है तो 500 साल राम मंदिर विवाद में ना होता?

अगर ये देश सही मायनों में सेक्युलर होता तो मुसलमान सबसे पहले खुद आतंकवादियों को सड़कों पर घसीट कर मारते?

अगर ये देश गंगा जमुनी होता तो आज मुसलमान मोदी से प्यार करता और हिन्दू ओवैसी की जय करता?

दरअसल इनको तकलीफ है हिन्दू राजनीति से….जब तक कोई मुसलमान की हिमायत करता है तब तक वो देश के लिए हितकर है,लेकिन जैसे ही हिन्दू की बात की तो वो हिन्दू मुस्लिम राजनीति हो गई???

ये जितने लोग बात बेबात प्रदर्शन करने बैठ जाते हैं इन सबको सच पता है लेकिन…
ये सिर्फ हिंदुओ को धमकाना चाहते हैं, ये सिर्फ शक्ति प्रदर्शन का बहाना है…

आप हर शहर, गांव, रेलवे स्टेशनों के बीचों-बीच कुकुरमुत्ते की तरह उगी मस्जिदों मजारों पर चुप्पी साध लेते हैं.. ओर सैकड़ों साल पुराने मंदिरों को झटके में गिरा देते हैं…

अगर लोग आपके नंगनाच पर खुलकर आवाज उठाने लगें तो.. आपको शांति सन्देश याद आने लगा? आपको हिन्दू मुस्लिम राजनीति से समस्या होने लगी? आपको महंगाई और बेरीज़गारी की समस्याएं दिखने लगी?

अगर सबको हिन्दू मुस्लिम राजनीति अखर रही है तो…
चलो हिन्दू मुस्लिम मिलकर देश की समस्या सुलझाते है..

चलो मिलकर कश्मीरी हिंदुओं के घर बसाते है…
चलो मिलकर गंगा की सफाई करते हैं ….
चलो मिलकर घुसपैठियों को भगाते है…
चलो मिलकर राष्ट्र विरोधी ताकतों से मुकाबला करते हैं ….
चलो मिलकर हम जनसँख्या नियंत्रण करते है…

अगर कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है तो हिन्दू मुस्लिम मिलकर यूनिफॉर्म सिविल कोड लाते हैं….

अगर कोई हिन्दू मुस्लिम साथ मिलकर ये सब काम करने की बात कोई करेगा तो वो तुरन्त या तो मोदी भक्त हो जायेगा या संघी..

क्योंकि साहब… इस देश मे शांति और भाईचारे का मतलब है कि सिर्फ आप उनको खुश करते रहो क्योंकि जैसे ही आपने अपने हितों की बात की तो शांति पसंद नेता संविधान से लेकर कु रान तक की बहस करने लगेंगे ….

क्योंकि भाईचारे का ठेका सिर्फ मूर्ख हिंदुओं ने 1,000 साल से अपने सर पर उठा रखा है…!!!

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