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गहनों का पेड़

Byadmin

May 14, 2022

गहनों का पेड़

जंगल के बीच पगडंडी के किनारे पीपल का एक विशाल पेड़ था जो सोने-चाँदी के गहनों से लदा हुआ था। उसे देखकर लगता था जैसे पेड़ पर पत्तों की बजाए सोने-चाँदी के गहने उगते हों।

यह पेड़ ऐसी जगह पर था, जहां से लोग एक से दूसरे गांव जाया करते थे। जो भी वहां से गुजरता, सोने-चाँदी के पेड़ को देखकर स्तब्ध रह जाता। गहने इतने डिज़ाइन के थे कि लोग किसी सुनार के पास जाने की बजाए वहां आकर अपनी पसंद की डिज़ाइन चुन लें, पर इस पेड़ पर गहने उगते थे, ऐसा नहीं था। यह काम तो कुछ लुटेरों का था।

लुटेरे भी बड़े अद्भुत ढंग से अपना काम करते थे। उस रास्ते से जो भी लोग गुजरते, वे लुटेरे उन्हें डरा देते कि आगे डाकू रहते हैं जो उनके गहने लूट लेंगे। वे चाहें तो अपने गहने इस पेड़ पर टांग सकते है और वापसी में उन्हें उतार सकते हैं। इस पेड़ पर सभी लोगों के गहने सुरक्षित रहते हैं, ऐसा पीपल का वरदान है। –

भोले-भाले ग्रामीण उनकी बातों में आकर अपने गहने उन्हें सौप देते। ऐसा भी नहीं था कि उन्हें अपने गहने वापिस न मिलते हों। सबको वापिसी में अपने-अपने गहने मिल जाते थे। अपने गहने वापिस पाकर लोग खुश होते कितु उन लुटेरों की चाल अलग थी। जब भी स्त्रिया-पुरुष अपने गहने उतारकर उन्हें सौंपते तो वे तुरत शहर जाकर उन गहनों की ऊपरी परत छोड़कर अंदर का सारा सोना निकाल कर पीतल भरवा देते। गहनों का भार वही रहता। अतः किसी को कोई शक न होता।

एक बार एक औरत जो इसी रास्ते से वापिस आई थी, उसे अपने गहने बेचने पड़े। बात यह हुई कि उसकी बेटी की शादी तय हो गई बेटी के गहने तो उसने पहले से ही बनवा रखे थे पर धन की कमी हो जाने के कारण औरत अपने गहने बेचने सुनार के पास गई। पर सुनार ने उसे उन गहनों के बहुत कम पैसे दिए। उसने कहा कि गहनों में पीतल भरा है। वह चुपचाप पैसे लेकर घर आ गई और अपने पति को बताया। उसके पति ने उल्टे उसी के मायके वालों को कोसना शुरू कर दिया कि उन्होंने खोटे गहने दिए हैं। किसी को असली बात समझ न आई।

फिर वह अपने गहने बेचने गया तो सुनार ने उसके गहनों में भी पीतल भरा बताया। तब उन्हें कुछ शक हुआ। वे तुरंत उन लोगों के पास गए जो उस दिन उनके साथ दूसरे गांव की शादी में सम्मिलित होने के लिए गए थे और उन सबने अपने गहने पेड़ पर टांगे थे उन सबके गहनों में भी इसी तरह का खोट निकला। तब असली बात उनकी समझ में आई।

उन सबने मिलकर निकट के शहर के थाने में इस घटना की सूचना दी। पुलिस ने छापा मारा और लुटेरों को गहनों समेत गिरफ्तार कर लिया। पुरस्कार रूप में उस ग्रामीण दंपत्ति को इतना धन मिल गया कि उनकी बेटी की शादी बड़ी आसानी से हो गई और उन्हें अपने असली गहने भी मिल गए। पीपल का वह पेड़ भी उन कृत्रिम गहनों से छुटकारा पाकर अपने असली प्राकृतिक रूप को पाकर बहुत खुश हुआ।

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