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चमत्कार की फसल तुम्हारे जीवन में भी उग सकती है

Byadmin

Jan 12, 2022

<“पूजा की कसौटी”>

“सत्संग प्रेमियों”, चमत्कार की फसल तुम्हारे जीवन में भी उग सकती है | इसके लिए तुम्हें संत महापुरुषों द्वारा तैयार की गई जमीन पर चलना पड़ेगा | उनके आदर्शों को भी अपनाना होगा | उनकी शिक्षाओं पर अमल करना होगा | लेकिन ऐसा हम करते नहीं | परम आनंद का मार्ग दिखाने वालों की बात हम दिल से सुनते ही कहां हैं ! हमने चाहे उनकी पूजा भी की हो, फिर भी उनकी सुनी नहीं | पूजा को भी हमने तरकीब बना रखा है | हम कहते हैं कि आप तो महान हो | हम तो आपके चरणों की धूल हैं | हम आपको कैसे पा सकते हैं ? इस लिए हम आपके चरणों पर फूल चढ़ाते हैं | लेकिन हम तो वैसे ही रहेंगे, जैसे हैं | अगर तुम जैसे के तैसे ही बने रहोगे, तो फिर तुम्हारी पूजा अर्चना का क्या हुआ जी प्रेमियों ?
तुम्हारी पूजा की कसौटी ही यह है कि तुम संत महापुरुषों व सतगुरु की शिक्षाओं को आदर दो | सतगुरु के वचनों नियमों का पालन करो | जिस दिन तुमने सच में दिल से महापुरुषों को आदर दिया, उस दिन तुम एक दूसरे ही आदमी हो जाओगे | तुम्हारी पहचान ही अति सुंदर बन जाएगी | लेकिन तुम वही बात कहोगे कि हम मानते हैं आपकी बात ; यह बिल्कुल ठीक है | लेकिन अभी समय नहीं आया इन बातों का | समय आने पर हम भी चलेंगे आनंद के इस मार्ग पर | फिलहाल तो बहुत काम पेंडिंग है हमारे संसार में | पहले वह काम निपटा लें, फिर देख लेंगे जी गुरमुखो |
हमारा आदर भी बड़ा होशियारी पूर्ण है | अपना छुटकारा पहले ही कर लेते हैं | सतगुरु की याद के भी दिन बांध देते हैं | साल में एक या दो बार तेरे दर पर आऊंगा, बाकी समय आप हम पर कृपा बनाए रखना | हमें अपने व्यापार करने दो | हम तुम्हें भगवान कहेंगे, लेकिन तुम हमें हम ही रहने दो | जब हमें किसी भी चीज की जरूरत होगी, तो हम मांग लेंगे तेरे दर से | उसका दर तो सदैव सभी के लिए खुला है | उसके कृपा भंडार भी सभी के लिए खुले हैं | वह किसी को भी देने में कंजूसी या भेदभाव नहीं करता | लेकिन हमें सतगुरु की प्रसन्नता के सच्चे पात्र तो बनना ही पड़ेगा जी गुरमुख प्रेमियों |
सत्संग व प्रेम बांटने से अवश्य बढ़ते हैं |
*प्रेम, ध्यान, आनंद व सत्संग की बात

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