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जग में धन्य कौन है भाई?

Byadmin

May 27, 2021

जग में धन्य कौन है भाई? 2


  1. प्रभु श्रीराम जी जिनकी प्रशंसा किए वह धन्य हैं-धन्य अवध जो राम बखानी…।
    2.मेघनाद जैसे वीर,पितृ भक्त पुत्र को जन्म देने वाली माता धन्य हैं- रामानुज कहँ ? रामु कहँ ? (मेघनाद को श्रीराम जी से अंतः प्रेम अनुपम है बस -हृदय प्रीति मुख बचन कठोरा) अस कहि छाड़ेसि प्रान। धन्य!धन्य!! तव जननी !!!कह अंगद हनुमान।।
  2. संत दर्शन करने वाले धन्य हैं- आजु धन्य मैं धन्य मुनीसा।तुम्हरे दरस जाहिं अघ खीसा।।(संत दर्शन से पाप.दूर होता है)।
    4.जिनके अंतर्मन में प्रभु प्रेम हो,वे धन्य हैं-धन्य सती पावन मति तोरी। रघुपति चरन प्रीति नहीं थोरी।।…धन्य धन्य तव मति उरगारी…।
  3. सद्गुरू मुख से श्री हरि गुण श्रवण करने वाले धन्य हैं-धन्य धन्य मैं ! धन्य पुरारी!!।सुनेऊ राम गुन भव भय हारी।।(श्रीराम गुण सांसारिक भय दूर करने वाला है जिसे सुनकर धन्य हो जाते हैं)
  4. जिस देश में गंगा जैसी पवित्र नदी हो ,वह देश धन्य है-धन्य देश सो ,जहँ सुरसरी।
  5. पतिव्रत धर्म के पालन करने वाली नारी धन्य हैं- धन्य नारी!पतिव्रत अनुसरी।
  6. नीति पालक,प्रजा को प्राणों के समान प्रिय समझ कर पालन करने वाले राजा धन्य हैं- धन्य सो भूपु नीति जो करई।
  7. वे ब्राह्मण धन्य हैं जो अपने ब्राह्मण धर्म पर कायम हैं( ब्राह्मण धर्म- विप्र एक वैदिक सिव पूजा- वेद ज्ञान,वेद मार्ग पर चलने वाले ,शिव पूजन करने वाले..तथा श्री हरि प्रेमी होना आवश्यक है-तजि हरि भजन काज नहीं दूजा।।
    10.वह संपत्ति धन्य है जो सुपात्र को दान होते हैं- सो धन धन्य,प्रथम गति जाकी।।
  8. वह समय धन्य है जब सतसंग होता है-धन्य घरि सोइ जब सतसंगा।
  9. जिस वंश में श्रीराम प्रेमी जन्म लिए वह कुल धन्य है- सो कुल धन्य उमा सुनु जगत पूज्य सुपुनीत।श्री रघुवीर परायन जेहिं नर उपज बिनीत।।
  10. वे धन्य हैं जो ब्राह्मणों से स्नेह भाव रखते हैं- धन्य जन्म द्विज भगति अभंगा।।
  11. यदि हमें सतसंगति मिले तो खुद को धन्य समझें- आजु धन्य मैं धन्य अति ,जदपि सब बिधि हीन।निज जन जानि राम मोहिं संत समागम दीन्ह।।
  12. जिस स्थान पर सगुण साकार प्रभु के श्री चरण गए वह स्थान धन्य हैं- धन्य सो देसु ,सैलु,बनु,गाऊँ।जहँ जहँ जाहिं धन्य सो ठाऊँ।।
  13. जो श्रीराम जी तथा श्री राम चरित में मन लगाए रहते हैं वे धन्य हैं।श्रीराम रूप में मन रमाने वाले धन्य हैं- धन्य ते नर एहि ध्यान जे रहत सदा लयलीन।
    तो मित्रों ! आइए हम सब अपने को श्रीराम प्रेमी बनाकर धन्य की सूची में अपना नाम दर्ज कराते हैं…
    🙏🙏🙏
    सीतारामजय सीताराम
    सीताराम जय सीताराम

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