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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्भावित बाढ़ को देखते हुए बैठक हुई सम्पन्न

Byadmin

Jun 21, 2021

👉जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्भावित बाढ़ को देखते हुए बैठक हुई सम्पन्न
👉सम्भावित बाढ़ के मद्देनजर राहत एंव बचाव कार्य के लिए सभी व्यवस्थाएं की जाएं चुस्त-दुरूस्त -जिलाधिकारी
👉आपदा के दौरान सभी अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करके बाढ़ पीड़ितों की करें मदद-जिलाधिकारी
श्रावस्ती, 20 जून, 2021। सू०वि०। जिलाधिकारी टी0 के0 शिबु की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित तथागत सभागार में सम्भावित बाढ़ के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य से सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि सम्भावित बाढ एवं अतिवृष्टि को दृष्टिगत रखते हुए राहत एवं बचाव कार्य से जुडे़ सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारी अपनी-अपनी कार्य योजना विगत वर्षो में आयी बाढ़ के अनुभव के आधार पर तैयार कर लें ताकि यदि अचानक बाढ़ भी आ जाती है तो तत्काल बाढ़ पीड़ितों को राहत एवं सहायता प्रदान की जा सके। उन्होने कहा कि विगत वर्षो में आयी बाढ़ के अनुभव के आधार पर कितने गाॅवों बाढ़ से प्रभावित हुए थे, सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उन गांवों का दौरा एवं गांव वालों से सीधा संवाद स्थापित कर उनके द्वारा दिये गये सुझाव के आधार पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए पूरी तैयारी चाक-चैबन्द कर ली जाए। ताकि यदि बाढ़ भी आ जाती है तो तत्काल बाढ़ पीड़ितों की मदद और सहायता करके उन्हें सुरक्षित किया जा सके। उन्होने कहा कि आपदा के दौरान सभी अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करके बाढ़ पीड़ितों की मदद करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि विगत वर्षो में आयी बाढ़ के दौरान कितने क्यूसेक पानी बाढ में आया था। उसी के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य के सभी तैयारियां चाक चैबन्द कर ली जाय। ताकि सम्भावित बाढ़ यदि आ भी जाती है, तो तत्काल बाढ़ प्रभावित गाँवों में बाढ़ पीड़ितों को राहत मुहैया करायी जा सके। वैज्ञानिको ने इस बार भी अच्छी बारिश की सम्भावना व्यक्त किया है। राहत एवं बचाव कार्य से जुड़े सभी सम्बन्धित अधिकारी इसको ध्यान में रखते हुए विभागीय कार्ययोजना तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन बन्धों एवं स्पर का कार्य अधूरा है मरम्मत कार्य चल रहा है उसे युद्ध स्तर पर बरसात से पूर्व ही पूरा कराने का निर्देश उन्होंने दिया है। उन्होंने अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खण्ड को निर्देश दिया है कि वे जिले में स्थापित सभी बांधों/स्परों का बारीकी से अपने टीम के साथ निरीक्षण करके बारीकी से देख लें, यदि कहीं मरम्मत की जरूरत है तो तत्काल करवा दें। और संवेदनशील बांधों पर पैनी नजर रखें ।
उन्होने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि बाढ से प्रभावित होने वाले गाॅव में राहत शिविर की स्थापना अधिकारियो-कर्मचारियों की तैनाती नाव एवं नाविक की सूची ब्लाक एवं ग्राम आपदा प्रबन्धन समिति का गठन, जीवनरक्षक उपकरण, मोटरवोट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें।
उन्होने बाढ खण्ड के अभियन्ताओं को निर्देश दिया है कि सभी बन्धों के उचित स्थान पर पर्याप्त बोल्डर, बालू की बोरी, नाइलान एवं जियायीक्रेट की व्यवस्था करें। उन्होने विद्युत विभाग के अभियन्ताओं को निर्देश दिया कि बाढ क्षेत्र में बिजली के खम्भे एंव तारों को मजबूत करें। बाढ आने की स्थिति में विद्युत आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था भी करें।
उन्होने राहत वितरण/खाद्यान्न सामाग्री का पैकेट आदि वितरण के सम्बन्ध में जो निविदा पास हुई है, उन फर्मो को भी सम्बन्धित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए बता दिया जाए। उन्होने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 मुकेश मातन हेलिया को निर्देश दिया है कि सभी 18 बाढ़ चैकियों पर स्वास्थ्य टीम की व्यवस्था के साथ-साथ बरसात के दिनों में होने वाली संक्रामक बीमारियों से बचाव हेतु तथा यदि किसी भी व्यक्ति के बाढ़ के दौरान सांप काट लेता है तो उनसे बचाव हेतु वैक्सीन सहित अन्य व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरूस्त रखा जाए। सम्भावित बाढ़ को देखते हुए पशुओं को चारे की कोई दिक्कत न होने पावे, इसके लिए भूसा के इंतेजाम की आवश्यक कार्यवाही तथा पशुओं को बरसात के दिनों में होने वाली बीमारियों के बचाव हेतु शत-प्रतिशत टीकाकरण कराना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होने कृषि विभाग को निर्देश दिया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत बाढ क्षेत्र के सभी पात्र व्यक्तियों का बीमा कराना सुनिश्चित करें। साथ ही बाढ आने की दशा में वैकल्पिक धान एवं अन्य बीजों की व्यवस्था रखें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि पहले से ही कम्यूनिकेशन प्लान तैयार कर लिया जाय। राहत एवं बचाव कार्य हेतु पहले से ही एन0डी0आर0एफ0 की 11 बटालियन टीम बनारस से जिले में आ चुकी है, टीम कमाण्डर प्रिय रंजन है। इस टीम में मोटरबोट-04, लाइफबाॅय रिंग-16, लाइफ जैकेट-24, टावर लाइट-01, कटिंग यंत्र-12, आपदा प्रबन्धन किट-01 एवं शेल्टर टेण्ट-01 है। ये कम्पनी वर्षा ऋतु तक यहीं रहेगी तथा सम्भावित आपदा आने पर मदद के लिए तत्पर रहेगी।
उन्होने बताया है कि जिले के सम्भावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के ऐसे गाँव जहां पर बाढ़ के आने की प्रबल सम्भावना रहती है, इन गांवों में निवास करने वाले 910 व्यक्तियों की सूची बनायी गई है, जो सम्भावित आपदा आने के दौरान पहले ही उनके नम्बर पर सन्देश भेज कर अलर्ट कर दिया जायेगा। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी किरन को निर्देश दिया है कि जिले के विद्यालयों में स्थापित शौचालयों एवं पेयजल के लिए स्थापित हेण्डपम्प वाले स्थलों की साफ-सफाई करा दिया जाए। तथा उन्होंने दोनो नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उनके यहां जो पेयजल हेतु टैंकर है उनकी बेहतर ढंग से साफ-सफाई करा ली जाए, ताकि यदि सम्भावित बाढ़ भी आती है तो बाढ़ पीड़ितों के लिए स्थापित शरणालयों में पेयजल हेतु टैंकर भेजा जा सके।

जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों/तहसीलदारों/नोडल अधिकारियों एवं बाढ़ चैकी प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे राप्ती के घटते-बढ़ते जलस्तर पर पैनी नजर रखते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक निगरानी रखें। सम्भावित बाढ़ के मद्देनजर नाव और नाविकों की सूची एवं उनका मोबाइल नम्बर, स्कूलों में तैनात रसोईयां, सफाईकर्मी, रोजगार सेवक एवं गांवों में तैनात अन्य कर्मचारियों की भी सूची एवं मोबाइल नम्बर अपडेट रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर इन लोगों की सहायता ली जा सके।
बैठक से सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग नदारद मिले। जिस पर नराजगी व्यक्त की गई।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी योगानन्द पाण्डेय, ज्वाइंट मजिस्टेªट परीक्षित खटाना, उपजिलाधिकारी प्रवेन्द्र कुमार, उपजिलाधिकारी आर0पी0 चैधरी, उप जिला मजिस्ट्रेट आशुतोष कुमार, उपजिलाधिकारी राजेश कुमार मिश्र, तहसीलदार राजकुमार पाण्डेय, अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खण्ड विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी आर0 पी0 राना, भूमि संरक्षण अधिकारी शिशिर वर्मा, आपदा सलाहकार गफ्फार हुमायुं सहित एन0डी0आर0एफ0 टीम के निरीक्षक एवं एस0एस0बी के अधिकारी उपस्थित रहे।

संपादक

सी बी मणि त्रिपाठी

बलरामपुर

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