• Sun. May 22nd, 2022

टॉन्सिल के लक्षण, कारण और कुदरती उपचार

Byadmin

Feb 7, 2021

डा श्वेता रस्तोगी के द्वारा रोग निवारण

*टॉन्सिल के लक्षण, कारण और कुदरती उपचार*
टोन्सिल के लक्षण
• कान के निचले भाग में भी दर्द रहता है। 
• शरीर में कमजोरी लगने लगती है।
• गले में खराश महसूस होना।
• दर्द के कारण बुखार भी रहता है।
• कंठ में तेज दर्द रहना।

*टोन्सिल होने के कारण*
• सर्दी जुकाम के कारण भी टोन्सिल होने लगता है।
• ठण्ड मौसम के कारण।
• आइस क्रीम खाने या ठंडी शीतल पेय को पीने से।
• ठंडी चीज के सेवन करने से।
• किसी तरह के वायरस या बैक्टेरिया के कारण हमारे गले में संक्रमण होने से।

*टॉन्सिलाइटिस के उपचार*
• गर्म पानी में एक चम्मच नमक डालकर गरारे करने से गले की सूजन में काफी लाभ होता है।
• दालचीनी को पीस कर चूर्ण बना लें। इसमें से चुटकी भर चूर्ण लेकर शहद में मिलाकर प्रितिदिन 3 बार चाटने से टॉन्सिल के रोग में सेवन करने से लाभ होता है।
• इसी प्रकार तुलसी की मंजरी के चूर्ण का उपयोग भी किया जा सकता है।
• एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवायन डालकर उबाल लें। अब इस पानी को ठंडा करके उससे गरारे और कुल्ला करने से टॉन्सिल में आराम मिलता है।
• दो चुटकी पिसी हुई हल्दी, आधी चुटकी पिसी हुई कालीमिर्च और एक चम्मच अदरक के रस को मिलाकर आग पर गर्म कर लें और फिर शहद में मिलाकर रात को सोते समय लेने से दो दिन में ही टॉन्सिल की सूजन दूर हो जाती है।
• आप चाहे तो शहद को ऐसे भी खा सकते हैं या फिर उसे काली मिर्च पाउडर के साथ मिला कर चाट सकते हैं। इससे गले में खुजलाहट नहीं होगी और सूजन भी कम होगी।

डा श्वेता रस्तोगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

AllEscort