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डरिये मत, घबराइये मत..बस जान लीजिये इस काले या नंगे सच को..सालों से चल रहे इस तमाशे को भी समझ लीजिये..!

Byadmin

Mar 22, 2021

डरिये मत, घबराइये मत..बस जान लीजिये इस काले या नंगे सच को..सालों से चल रहे इस तमाशे को भी समझ लीजिये..!
जानकारी देना मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है.?
सबसे पहले इस आर्टिकल को पढ़ें फिर पुष्टि करें, उसके बाद अगर सच लगे तो ही विश्वास करें।
मेरा प्रयास जागरूकता फैलाना है न कि मेरा कोई इरादा जबरदस्ती मनवाने का बिल्कुल नही है।

सावधान… सरकारें सालों से रोज़ दे रहीं हैं आपको मीठा जहर.!
निकाला था, चोरी-छिपे जनसंख्या वृद्धि रोकने का अदभुत तरीका..!

सावधान आपके खाने और दवाइयों में साइनाइड नामक प्राणघातक जहर मिलाकर खिलाया जा रहा है.!

जानिए.. क्या है साइनाइड (Cyanide) नामक जहर..?
शायद आपने पहले कभी साइनाइड के भयंकर साइड इफेक्ट के बारे में ना सुना हो, लेकिन यह एक अंतर्राष्ट्रीय साजिश है जिसका शिकार लगभग 50% भारतीय है।
आप से निवेदन है कि इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें और समझें और जो नहीं समझना चाहता वह जहर खायें।
आपके अन्न और दवाओं में साइनाइड नामक प्राणघातक जहर मिलाया जा रहा है।
साइनाइड एक घातक जहर है।
चौंकिए मत, यह बिलकुल सत्य है।
आजकल आपने देखा होगा कि एक पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति कुछ काम करते करते अचानक मर जाता है और मृत्यु का कारण पता नहीं चलता, ऐसी घटनाएं आम हो रही है।

आइये देखते है ऐसे खाद्य पदार्थ और दवाएं जिसमे साइनाइड विष मिलाया जा रहा है और हम निर्दोष शिकार बन रहे हैं…

(1). नमक..
आपके नमक के पैकेट को ध्यान से देखिये यदि उस पर क्रिस्टल मोडिफायर (Crystal Modifier) या E-536 लिखा हुआ है तो इसका मतलब नमक में पोटेशियम फेरो साइनाइड मिला हुआ है जिसके एक केमिकल अणु में साइनाइड के 6 परमाणु है जिसका केमिकल फार्मूला (K4Fe(CN)6) है।
यद्यपि यह अल्प मात्रा में होता है जैसे ही यह हमारे पेट में पहुँचता है उदर में उपस्थित पाचक अम्ल (HCL) से रिएक्ट कर के पोटेशियम और फेरोसाईनाइड के पोसिटिव और नेगेटिव आयन बनाता है और फेरोसाइनाइड पेट में उत्पन्न HCl से रिएक्ट कर के फेरस क्लोराइड और हाइड्रोजन साइनाइड बनाता है जो अत्यंत जहरीला विष है इस विष को डीटाक्सीफाई या प्रभावहीन बनाने के लिए लिवर पर अत्यधिक दबाव पडता है।
प्रतिदिन इस धीमे जहर मिले हुए नमक खाने से कुछ महीनो या वर्षो में आप मृत्यु के निकट पहुँच सकते है।

(2). विटामिन-बी
सबसे ज्यादा खाया जाने वाला विटामिन है इस बी-काम्प्लेक्स विटामिन में एक जहरीला पदार्थ है साईनाकोबलामिन या B-12 (Cyanocobalamin) है जो आपके पेट या खून में पहुँच कर साइनाइड के अणु छोड़ता है।

सावधान
यदि आपके बी-काम्प्लेक्स कैप्सूल टैबलेट या इंजेक्शन में B-12 सैनकोबाल्मिन है तो मत लीजिये, चाहे डॉक्टर कितना भी आश्वाशन क्यूं न दे।
मार्किट में 99% बी-काम्प्लेक्स विटामिन में बी-12 (Cyanocobalamin) होता है केवल 1% दवा कम्पनियाँ ही Methylcobalamin B-12 बनाती है जो खाने में सेफ है सुरक्षित है, इसीलिए विटामिन-बी खरीदते समय केवल Methylcobalamin B-12 युक्त ही ख़रीदे।

(3). मार्च 2017 में सरकार ने नया फरमान जारी किया है अब गेहूँ के आटे जैसे आशीर्वाद, पिल्सबरी पतंजलि आदि में साइनाइड मिला हुआ B-12 Cyanocobalamin विटामिन डालना अनिवार्य कर दिया है। (फोर्टिफाइड आटा)
सरकार ने सुरक्षित B-12 Methylcobalamin को प्रस्तावित क्यों नहीं किया ?
क्या सरकार को नहीं मालूम कि तवे के ताप में गेहू की रोटियाँ सेकने पर गर्मी से विटामिन-बी पूरी तरह नष्ट हो जाता है और बचते है सिर्फ जहरीले साइनाइड के अणु जो गर्मी से नष्ट नहीं होते, तो आटे के फोर्टीफिकेशन का क्या फायदा और उपयोग है ?
या सरकार जानबूझ कर अन्न पदार्थो में जहर मिला रही है ?
चौकिये मत…
सरकार पर छुपी हुई अंतरराष्ट्रीय वैश्विक दानवी सरकार (Hidden World Government) का दबाव है कि भारत की जनसँख्या कम करने के लिए ये एक कोवर्ट डीपापुलेशन प्रोग्राम है जिसे विस्तार पूर्वक पढ़ कर होश उड़ जाएंगे।
आइये देखते है कुछ और डी-पापुलेशन केमिकल पदार्थ आयोडीन नमक विश्व का सबसे बड़ा जंनसंख्या विहिनिकरण (डीपापुलेशन) षड्यंत्र
आज से लगभग 30-40 साल पहले जनता को आयोडीन नमक के बारे में बिलकुल पता नहीं था।
जनता में आयोडीन की कमी नहीं थी, यदि मानव इतिहास देखे तो जीसस क्राइस्ट काल या उससे भी पहले 5000 वर्ष पूर्व महाभारत या दस लाख वर्ष पूर्व रामायण पुराण आदि में एक भी उदहारण प्राप्त नहीं होता जहां आयोडीन के कमी के लक्षण दिखाई देवे। अचानक ही लगभग 30 साल पहले सरकार ने लाखों करोडो का टीवी और समाचार पत्र में विज्ञापन दे दे कर ब्रेनवाश शुरू किया कि भारत में आयोडीन की कमी है।

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