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डा श्वेता रस्तोगी के द्वारा रोग निवारण

Byadmin

Jul 9, 2021

डा श्वेता रस्तोगी के द्वारा रोग निवारण
त्वचा पर चकत्ते होना क्या होता है?

ये त्वचा पर व्यापक रूप से फैले घाव होते हैं, त्वचा पर चकत्ते का होना एक बड़ा मेडिकल टर्म (शब्दावली) है। त्वचा पर चकत्ते अलग-अलग प्रकार के और बहुत अधिक संख्या में उपस्थित हो सकते हैं और इसके कई संभावित कारण हैं। इसके कई प्रकार होने के कारण इसके उपचार के भी कई प्रकार होते हैं।

ये चकत्ते शरीर के सिर्फ एक छोटे हिस्से तक भी रह सकते हैं और शरीर के अन्य कई हिस्सों में भी फैल सकते हैं। त्वचा पर चकत्ते के कई रूप होते हैं, ये सूखे, नम, उभरे हुऐ, खुरदरे या चिकने आदि के रूप में दिखाई दे सकते हैं। इनके कारण दर्दनाक खुजली उत्पन्न हो सकती है और त्वचा के रंग में परिवर्तन हो सकता है।

त्वचा के चकत्ते, त्वचा में सूजन, जलन और इसके रंग में परिवर्तन कर देते हैं, जिससे त्वचा की सामान्य दिखावट खराब हो जाती है। चकत्ते उत्पन्न करने वाले कारक कई प्रकार के हो सकते हैं, जिसमें संक्रमण, गर्मी, एलर्जिक पदार्थ, प्रतिरक्षा प्रणाली विकार और दवाएं शामिल हैं।

 त्वचा पर चकत्ते कितने प्रकार के हो सकते हैं?

चकत्तों को खुजली वाले तथा बिना खुजली वाले दो हिस्सों में विभाजित किया जाता है।

खुजली वाले चकत्ते के प्रकारों में निम्नलिखित शामिल हैं:

पित्ती और वेल्ट्स (Urticaria)

कीटों द्वारा काटना, जैसे बेड के कीट (Bedbugs)

खाज (स्केबीज़; माइट के कारण होने वाला संक्रमण)

एक्जिमा (त्वचा की एलर्जी)

सूखी त्वचा (जिसको जेरोसिस भी कहा जाता है)

घमौरियां (नमी, गर्मी, घर्षण के क्षेत्रों में जलन या सतही संक्रमण हो सकता है)

कुछ प्रकार के वायरल चकत्ते आदि।

बिना खुजली वाले जिनमें निम्न शामिल हैं:

रोजेशिया (Rosacea)

सोरायसिस (Psoriasis)

त्वचा पर चकत्ते होने के क्या लक्षण हो सकते हैं?

ज्यादातर चकत्तों में खुजली या उनको छूने से खुजली शुरू हो जाती है, हालांकि कुछ प्रकार के गंभीर मामलों में चकत्तों में खुजली और जलन भी होने लगती है।

चकत्ते कई अलग-अलग रंग, आकार और पैटर्न में निकल सकते हैं। त्वचा में सूजन और जलन पैदा करने वाला ज्यादातर चकत्ते लाल रंग के होते हैं। चकत्तों को निम्न रूपों में वर्णित किया जाता है:

समतल और धब्बेदार।

ऊपर की तरफ उठे और उभरे हुऐ (दानेदार)।

शीट की तरह उपर उठे हुऐ (Plaque)।

समतल और ऊपर की तरफ उठे हुऐ चकत्तों का मिश्रण, जिसको मैक्युलोपॉपुलर कहा जाता है।

छोटे-छोटे पीप वाले दाने (Pustular)

एक्नेयाफोर्म (मुंहासें जैसे, छोटे या बड़े आकार के पिंपल्स)

छोटे स्पष्ट फफोले (Vesicular)
लाल या गुलाबी रंग के चकत्ते

त्वचा में छोटे-छोटे निशान जिनसे खून निकलता है (Petechial)।

सफेद और चांदी जैसे रंग के चकत्ते (Psoriasis)

शुरू में सूखे, परतदार और खुरदरे तथा कुछ समय बाद रंग बिगड़ना और मोटाई बढ़ना (Eczematous)।

छिला हुआ या जिन क्षेत्रों में खरोंच आदि लगना (Excoriated)। यह किसी अन्य चकत्ते के साथ भी हो सकते हैं।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

निम्न स्थितियां होने पर डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए:

अगर त्वचा में छोटे-छोटे लाल रंग के दाने बने हुऐ हैं, जो छूने से महसूस नहीं होते और दबाने से हल्के नहीं होते।
अगर त्वचा पर कोई नीला निशान पड़ा हुआ है, जो किसी चोट आदि से संबंधित नहीं है।

अगर चकत्ते में एक हफ्ते तक भी कोई सुधार नहीं आया।

गले में दर्द
जोड़ों में दर्द

अगर हाल ही में किसी जानवर या कीट आदि ने काटा हो।

चकत्तें के आस-पास लाल रंग की धारियां

चकत्ते के आस-पास की त्वचा को छूने पर दर्द होना।

अत्याधिक मात्रा में मवाद या पीप इकट्ठा होना।

त्वचा के रंग में तेजी से बदलाव होना।

सांस लेने में कठिनाई या घुटन महसूस होना (जैसे गल बंद हो गया हो),

दर्द बढ़ना या गंभीर हो जाना,
उच्च बुखार,

उलझन (कंफ्यूजन),

चक्कर आना,

चेहरे या हाथ-पैरों में पसीना आना।

गर्दन में दर्द
सिर में दर्द

बार-बार उल्टी आना या दस्त लगना।

त्वचा पर चकत्तों के कारण और जोखिम कारक क्या हो सकते हैं?*

त्वचा पर चकत्ते के कई संभावित कारण हो सकते हैं, जिनमें एलर्जी, रोग, रिएक्शन और दवाएं आदि शामिल हैं। ये बैक्टीरियल संक्रमण, वायरल संक्रमण, कवक संक्रमण और पैरासाइटिक संक्रमण के कारण भी हो सकती हैं।

त्वचा के चकत्ते के कुछ सामान्य कारण जैसे:

डर्मेटाइटिस –
यह चकत्ते के सबसे सामान्य कारणों में से एक है, यह तब होता है किसी एलर्जी रिएक्शन करने वाली चीज को छूआ जाता है। त्वचा लाल हो सकती है और सूजन हो सकती है, और चकत्ते उभर सकते हैं।

दवाएं –
कुछ प्रकार की दवाओं के कारण कुछ लोगों में चकत्ते पैदा होने लगते हैं, जो एलर्जी का एक कारण होता है।

संक्रमण –
फंगल, बैक्टीरिया और वायरस आदि के कारण हुए संक्रमण भी चकत्ते पैदा कर सकते हैं, चकत्ते संक्रमण के प्रकार के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।

स्व-प्रतिरक्षित स्थितियां (ऑटो-इम्यून रोग)–
यह स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब किसी व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली उसके शरीर के स्वस्थ ऊतकों पर आक्रमण करना शुरू कर देती है। स्व-प्रतिरक्षित रोग कई प्रकार के होते हैं, जिनमें से कुछ के कारण चकत्ते भी बनने लगते हैं।

त्वचा में चकत्ते उत्पन्न करने वाली कुछ सामान्य स्थितियां:

शिंगल्स (हरपीज़ ज़ोस्टर) –
यह एक उभरे हुऐ दाने होते हैं, जो दर्दनाक फफोले में परिवर्तित हो जाते हैं, शिंगल्स के कारण त्वचा में जलन और खुजली होने लग जाती है और त्वचा अत्याधिक संवेदनशील हो जाती है।

पित्ती (Hives) –
पित्ती के कारण खुजली, जलन और चुभन महसूस हो सकती है। इससे कारणों में तापमान, गले में संक्रमण, दवाओं से एलर्जी, खाद्य पदार्थ और खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले अन्य पदार्थ जैसे की मसाले आदि शामिल हैं।

सोरायसिस –
मोटे तथा लाल रंग के धब्बे जो सफेद तथा चांदी रंग की परत से ढके हों, ये सोरायसिस के संकेत होते हैं। इसके धब्बे आम तौर पर सिर, कोहनी, घुटने या पीठ के निचले हिस्से के आस-पास विकसित होते हैं। ये जिंदगीभर अपने आप आते और जाते रहते हैं।

एक्जिमा –
एक्जिमा कई गैर-संक्रामक स्थितियों के लिए एक पोटली की तरह होता है, जो सूजन, लाल, सूखापन और खुजली वाली त्वचा का कारण बनते हैं। तनाव, उत्तेजित करने वाले पदार्थ (जैसे साबुन, डिटर्जेंट), एलर्जिक पदार्थ और जलवायु आदि इसके लक्षणों को और बढ़ा सकते हैं।

रोसेसिया (Rosacea) –
इसमें आसानी से लालिमा होने की प्रवृत्ति होती है, जिसमें नाक, ठोड़ी, गाल, और माथे पर लाली होना रोसेसिया हो सकता है।
मुंह के आस-पास के छाले –
इनको बुखार के घाव भी कहा जाता है, क्योंकि अक्सर बुखार में मुंह व होठों पर पीप से भरे छाले निकल जाते हैं। हर्पिज सिंप्लेक्स वायरस के कारण मुंह और नाक के आस-पास दर्दनाक, पीप से भरे छोटे-छोटे फोड़े बन सकते हैं। इसके अलावा ये अत्याधिक धूप, तनाव और हार्मोनल में बदलाव के कारण भी हो सकते हैं जैसे पिरियड्स आदि।

पिंपल्स (Acne)
जब तेल से भरे हुऐ रोमकूप और बेजान त्वचा कोशिकाओं में सूजन आती है, तो पिंपल्स निकलने लग जाते हैं। बैक्टीरिया और हार्मोन्स के द्वारा शुरू किये गए पिंपल्स आम तौर पर ज्यादातर चेहरे, छाती और पीठ पर दिखाई देते हैं।

दाद –
दाद एक अत्यधिक संक्रामक फंगल संक्रमण होता है, जो त्वचा पर लाल या चांदी रंग का गोल और परतदार धब्बा बनाता है, इसमें खुजली व जलन भी हो सकती है।

खसरा –
खसरा एक अत्यधिक संक्रामक रोग है, जो आमतौर पर छोटे बच्चों को प्रभावित करता है, खसरा से होने वाले चकत्ते लाल-भूरे रंग के मुंहासे जैसे होते हैं।

त्वचा पर चकत्तों की रोकथाम कैसे की जा सकती है?

ज्यादातर चकत्तों की रोकथाम करना काफी मुश्किल होता है, हालांकि, कुछ विशिष्ट चकत्ते हैं, जिनकी रोकथाम की जा सकती है:

जिन लोगों को संक्रामक चकत्ते हों उन लोगों से बचें।

एलर्जिक चकत्तों के लिए उन चीजों से बचने की कोशिश करें, जो एलर्जी का कारण बनती हैं।

सनबर्न से बचने के लिए सनस्क्रीन का उपयोग करें।

अगर आपको एक्जिमा उभरने की समस्या है, तो अधिक कठोर साबुन का इस्तेमाल ना करें।

त्वचा के चकत्तों का परीक्षण/ निदान कैसे किया जा सकता है?

त्वचा के चकत्तों का परीक्षण करने के लिए डॉक्टर मरीज का शारीरिक परिक्षण करेंगे और उसकी पिछली मेडिकल जानकारी के बारे में पूछेंगे। चकत्तों का रंग, जगह, फैलाव और चकत्तों से जुड़ी खुजली आदि डॉक्टरों को इस रोग के निदान करने में मदद करती है।

अन्य टेस्ट जो आवश्यक हो सकते हैं:

पूर्ण रक्त गणना (Complete blood count)

स्किन बायोप्सी (त्वचा से सेंपल निकालकर उसका परिक्षण करना; Skin biopsy)।

एलर्जी के लिए विशिष्ट खून टेस्ट।

त्वचा के चकत्तों का उपचार कैसे किया जाता है?

त्वचा पर हुऐ चकत्तों का इलाज उनके अंदरूनी कारणों को ठीक करने के रूप में किया जाता है।

हालांकि, कुछ आधारभूत उपाय हैं जो त्वचा पर हुऐ चकत्तों की ठीक होने की गति को तेज कर सकते हैं और इससे संबंधित तकलीफ को कम कर सकते हैं, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं –

हल्के साबुन का उपयोग करें – जो सुगंधित ना हों।

गर्म पानी से ना धोएं, उसकी बजाएं गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें।

चकत्तों को खुला रखें, उनको किसी पट्टी आदि से ढकने की कोशिश ना करें।

चकत्तों को रगड़ें या खुजाएं नहीं, ऐसा करने से संक्रमण हो सकता है।

अगर चकत्ते सूखें हैं जैसे कि एक्जिमा, तो मॉइश्चराइज़र का इस्तेमाल करें।

एसी किसी लोशन या कोस्मेटिक प्रोड्क्ट का इस्तेमाल ना करें जो चकत्ते उत्पन्न कर सकते हैं।

संक्रमण के खतरे से बचने के लिए चकत्तों को किसी प्रकार की खरोंच लगने से बचाएं।

हाइड्रोकार्टिसोन (Hydrocortisone) क्रीम खुजली को कम कर सकती है।

कैलामाइन कुछ प्रकार के चकत्तों को दूर कर सकता है, जैसे पॉइज़न आइवी और चिकनपॉक्स।

अगर चकत्तों के कारण हल्का दर्द या खुजली हो रही है, तो एसिटामिनोफेन (Acetaminophen) और आईबूप्रोफेन (Ibuprofen) दवाएं मदद कर सकती हैं, लेकिन ये दीर्घकालिक समाधान नहीं हैं और ना ही ये चकत्ते के कारणों का इलाज कर पाती है। इनको लेने से पहले एक बार डॉक्टर से बात करना जरूरी होता है।
सभी जानकारी और लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं यहाँ पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए चिकित्सा परीक्षण और उपचार के लिए हमेशा चिकित्सक की सलाह ले।

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