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ताउते तूफान के बाद यास तूफान से व कोरोना से भी देश जिंदगी बचाने की जंग लड़ रहा है

Byadmin

May 26, 2021

ताउते तूफान के बाद यास तूफान से व कोरोना से भी देश जिंदगी बचाने की जंग लड़ रहा है ।

अफसोस तथाकथित किसान आंदोलन के नाम पर जिनको ये राष्ट्रविरोधी आंदोलन चलाते हुए 6 महीने हो चुके हैं वो तथाकथित किसान के भेष में अन्नदाता नही मानवता के हत्यारे टीकरी बॉर्डर व सिंघू बॉर्डर पर लाखों की संख्या में जमा है कोई मास्क नही लगाते सोशल डिस्टनसिंग का तो इन राष्ट्रगद्दारो को कोई मतलब ही नही वो आज काला दिवस मना रहे हैं । दूसरी कोरोना की लहर में हरियाणा व पंजाब कोरोना से सबसे प्रभावित राज्य हैं और उसका कारण है मानवता के हत्यारे ये किसानों के भेष में भेड़िए ।

मैं खुद एक किसान पुत्र हूँ व तीनो कृषि कानून बड़े ध्यान से पढ़ें हैं कोई भी कमी नही 3 कृषि कानूनों में किसानों के हित के हैं तीनों बिल पर ये नकली अन्नदाता तो राष्ट्र झुकाने की जिद्द पर अड़े हुए हैं ।

माननीय सर्वोच्च अदालत ने एक कमेटी गठित की है व तीनो कृषि कानून फिलहाल रद्द है माननीय सर्वोच्च अदालत के हुक्म से तो फिर आंदोलन किस बात का ?

सर्वोच्च अदालत ने जो कमेटी गठित की थी उसने एक लिंक जारी कर 50 शब्दों में अपनी सलाह देने की गुजारिश की थी कि जनता भी अपनी तरफ से कोई सुझाव दे जिससे इस समस्या का सर्वमान्य हल निकल सके ।

मैंने सर्वोच्च अदालत द्वारा गठित कमेटी को सलाह दी थी कि भारत सरकार जिन 10 लाख से ज्यादा किसानों को 6 हजार रु सालाना सम्मान निधि किसानों के खाते में भेजती है असली किसान वही है ।
उपरोक्त 10 करोड़ किसान अपनी वोट के जरिये बताए कि वो इन 3 कृषि बिलों के फेवर में है या खिलाफत में अगर 40 % भी किसान कहते हैं कि हम 3 कृषि बिलों के खिलाफ हैं तो सरकार 3 कृषि कानूनों को रद्द कर दे लेकिन 60 % से ज्यादा किसान अगर तीनो कृषि बिलों के फेवर में है तो उन्हें लागू किया जाए । मुझे मालूम है कि अगर ऐसी कोई वोटिंग होती है तो भारत के इन 10 करोड़ किसानों में से 80 % यानी कि 8 करोड़ किसान 3 कृषि कानूनों के पक्ष में मतदान करेंगे ।

कमेटी का भी मेरे पास जवाब आया था कि आपका सुझाव हमें सर्वश्रेष्ठ लगा है जिसे हम माननीय सर्वोच्च अदालत को इस सिफारिश के साथ भेज रहे हैं कि असली किसान ये 10 करोड़ छोटे किसान जो से प्रति वर्ष 6 हजार रु सम्मान निधि पाते हैं वो ही है व उनकी वोटिंग से ही तय किया जाए कि 3 कृषि कानून रद्द हो या लागू हो ।

संवाददाता

स्मिता मिश्रा

कोलकाता

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