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तुम्हारे पास नीति और नीयत ही नहीं थी

Byadmin

Apr 18, 2021

तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं, तुम्हे तो बैंकॉक में छुट्टियां मनाना पसंद है!

तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं, तुम्हे तो गाय भैंस का चारा खाना पसंद है!

तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं, तुम्हे तो सैफई में मुजरा कराना पसंद है!

तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं, तुम्हे तो 2जी, कोल, कॉमनवेल्थ, बोफोर्स, हेलीकॉप्टर, इत्यादि घोटाले पसंद है!

तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं, तुम्हे तो बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठियों को भारत में बसाना पसंद है!

तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं, तुम्हे तो समुदाय विशेष का तुष्टिकरण करना पसंद है!

तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं, तुम्हे तो मस्जिद, कब्रिस्तान और हज हाउस बनाना पसंद है!

तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं, तुम्हे तो देशद्रोही टुकड़े टुकड़े गैंग के साथ खड़े रहना पसंद है!

तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं, तुम्हे तो अलगाववादीयों और आतंकवादीयों के लिए आंसू बहाना पसंद है!

तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं, तुम्हे तो माओवादीयों को क्रांतिकारी बताना पसंद है!

तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं, तुम्हे तो परियोजनाओं को दशकों तक अटकाना लटकाना भटकाना पसंद है!

तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं, तुम्हे तो हिन्दुओं की आस्था का दमन करना पसंद है!

तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं, तुम्हे तो देश को दीमक की तरह खोखला करना पसंद है!

तुमने अगर 60 साल में अस्पताल बनाए होते तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता! तुम कभी अस्पताल के लिए लड़े नहीं क्योंकि तुम्हारे पास नीति और नीयत ही नहीं थी!

ब्यूरो चीफ

दिनेश सिंह

आजमगढ़

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