• Sun. May 22nd, 2022

पर्यावरण का विनाश

Byadmin

Nov 12, 2021

:-: पर्यावरण का विनाश :-:
आधुनिक वैज्ञानिकों ने सबकुछ जानते हुए भी ,अपने निजी स्वार्थ के लिए,देश और दुनिया के प्रकृति पर्यावरण को नष्ट किया,जिससे लोग भौतिकवाद की ओर जाने के लिए विवश हो जाये।भारत में करोड़ो पेड़,पर्वतों,पहाड़ो को विकास के नाम पर काट दिया गया।इन सभी के साथ ही ,इन पेड़ों में बने लाखों मंदिर,अपने आप ही नष्ट हो गए,और इन प्राकृतिक मंदिरों के नष्ट होने से,लोग स्वतः ही सनातन संस्कृति से दूर होते चले गए।अब अगर पर्यावरण बचाने के नाम पर पेड़ लगाए जा रहें तो क्या उसी अनुपात में उन्हीं पेड़ों के आसपास मंदिर बनाएं जा रहें हैं क्या ?पेड़ों,पर्वतों ,नदियों की पूजा करना ,उन्हें परिवार के सदस्यों के समान मानना, गुरुकुलों में सिखाया ही इसलिये जाता था,कि लोग प्रकृति से ज़ुड़े रहे।अब ब्रिटेन जैसे देश ,बच्चों को प्रकृति से जोड़ने के लिए,उन्हें फॉरेस्ट स्कूल भेज रहे हैं अर्थात ऐसे स्कूल जो खुले वातावरण में पेड़ों के नीचे प्राकृतिक वातावरण में लगते हैं, जब इसी तरह के विद्यालय भारत में लगते थे,तो कॉन्वेंट सिस्टम को हम पर थोपने के लिए,उन स्कूलों को पिछड़ा प्रमाणित किया गया।अपने आप को बुद्धिमान बताने के लिए,विकास के नाम पर जो विनाश किया गया हैं, उसे वापिस पहले जैसा करने में हज़ारों वर्ष लगेंगे, तब तक सैकड़ो पीढ़ियां प्राकृतिक वातावरण के आनंद से वंचित हो जायेंगी।पर्यावरण का विनाश ,बौद्धिक संपदा की चोरी के लिए किया गया।अतः पुनः सनातन संस्कृति की ओर लौटे और प्रकृति के साथ सामंजस्य बना कर रखें,यहीं अंतिम सत्य हैं और विजय सत्य की ही होगी।
धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

AllEscort