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पितृ पक्ष

Byadmin

Sep 20, 2021

:-: पितृ पक्ष :-:
नासा या स्टीफन ह्वकिन्स जैसे सैकड़ों वैज्ञानिक ने theory of parallel univers की खोज की हैं, जिसके अनुसार हमारें पृथ्वी या ब्रह्मांड के समानातंर ही एक दूसरी दुनिया भी हैं।सनातन धर्म में इसी दुनिया को मृत्यु उपरांत यानि स्वर्ग नर्क बताया गया हैं, जिसका विस्तार पृथ्वी से शनि ग्रह की ओर होता हैं।जिसमें 15 दिन में कृष्णपक्ष मतलब की दिन और 15 दिन में शुक्लपक्ष मतलब की रात।धरतीं के एक महीने के बराबर का एक दिन रात होता हैं,यानि कि धरतीं के एक वर्ष के बराबर के 12 दिन हुएं और धरतीं के 30 महीनें यानि कि 2.5 वर्ष के बराबर का एक महीना होता हैं,मतलब की धरतीं के 30 वर्षो के बराबर के 1 वर्ष हुआ।इसलिये हमारें पूर्वज ही 30 वर्ष यानि एक पीढ़ी को छोड़कर अपने कर्मानुसार पुनर्जन्म लेते हैं।दूसरी दुनिया के प्रत्येक 13 वें दिन यानि धरतीं के एक वर्ष बाद,मृत जीवात्माओं को धरतीं पर कर्मानुसार कुछ समय के लियें पृथ्वीवासियों और अपने प्रियजनों को देखनें का मौका मिलता हैं।ऐसे समय में अगर हम कर्मकांड, तर्पण करके सात्विक आचरण करते हैं, तो उससे मृत आत्माओं को सुख शांति मिलती हैं, अगर कुछ भी न करें और केवल कोई सात्विक धर्मग्रंथ ही पढ़ ले,तो इतना भी ठीक रहता हैं।आधुनिक शिक्षा से प्रभावित होकर बिना प्रमाण पूछे हेलोवीन जैसे अवैज्ञानिक पर्व मनाने से अच्छा हैं, पूर्णतः वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित पितृ पक्ष का अनुष्ठान करें।इस दूसरी दुनिया या दूसरें आयाम में अग्नि और पवन आसानी से प्रवेश कर सकती हैं, इसलिये इस समय हवन करके तर्पण का नियम हैं।
पितृ पक्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।

धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

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