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प्याज और लहसुन

Byadmin

Jul 3, 2021

:-: प्याज और लहसुन :-:

प्याज़,लहसुन और मांसाहार जैसे भोजन को खाने से,हमारे मन में काम,क्रोध,लोभ जैसे विकार ज्यादा तीव्र गति से उठते हैं।हमारा मन अनियंत्रित होकर व्यवहार करता हैं।इस बात को हम स्वयं भी या फ़िर कोई दूसरा व्यक्ति जो इस प्रकार का भोजन करता हैं, उसके व्यवहार को देखकर आसानी से समझ सकते हैं।जब हमारे शरीर के डीएनए में तीव्र गति से भावनाओं का संचार होगा,तो यही भावनाएं ,प्रजनन के माध्यम से पीढ़ी दर पीढ़ी पहुचेंगी।जब समाज का नेतृत्व करने वाला वर्ग,इस प्रकार का तामसिक और राजसिक भोजन करेगा,तो वह भी अपने विचारों के माध्यम से समाज को तामसिक और राजसिक दिशा की तरफ मोड़ेगा,जिससे समाज में अधीरता, अधर्म,दुःख जैसी ख़राब विचारधारा फ़ैलगी, जिससे समाज का नैतिक पतन हो जाएगा।जैसा की वर्तमान में हो रहा हैं।इसलिये सनातन धर्म में नियम बनाया गया कि ब्राह्मण (नेतृत्व करने वाला वर्ग) प्याज,लहसुन या मांसाहार नहीं खा सकता,जिसे वर्तमान में अज्ञानता वश पाखंड प्रमाणित करके,किसी को भी ,चाहे वो अपराधी हो या मांसाहारी,समाज का नेतृत्व करने का अधिकार सन 1950 में दे दिया गया,जिसका दुष्परिणाम आज हम सभी के सामने हैं।जैसा खायेंगे अन्न,वैसा ही बनेगा मन।जैसा मन बनेगा,वैसा ही व्यक्ति और समाज बन जाएगा, इसलिए सनातन जीवनशैली अपनाएं और शाकाहारी बनें।

धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

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