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प्रतिबंध के बावजूद गाडिय़ों में लगाई जा रही काली फिल्म, हूटर, सायरन व विधायक की प्लेट

Byadmin

Jun 17, 2021

प्रतिबंध के बावजूद गाडिय़ों में लगाई जा रही काली फिल्म, हूटर, सायरन व विधायक की प्लेट

कानपुर देहात ,प्रतिबंध के बावजूद गाडिय़ों में लगाई जा रही काली फिल्म, हूटर, सायरन
उक्त पुलिस की नजर से बचने के लिए हूटर, सायरन लगवा रहे बोनट के अंदर जिससे अचानक तेज आवाज से बहक जाते दूसरे वाहन चालक, बिदकते मवेशी ऐसे वाहनों का आपराधिक तत्व कर सकते दुरुपयोग, नहीं की जाती पड़ताल एक ओर तो दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और दस्तावेज को जगह-जगह चेक कर वसूली करना धंधा सा बना लिया है, लेकिन दूसरी तरफ रसूखदारों पर हाथ डालने की पुलिस, परिवहन विभाग की हिम्मत नहीं होती। प्रतिबंधित होने के बाद भी राजधानी में हूटर सायरन व काली फिल्म लगी गाडिय़ां जगह-जगह घूम रहीं हैं और इनका कारोबार भी धड़ल्ले से चल रहा है।

वैसे तो जिले के कई क्षेत्रों में यह कारोबार चलता है, दुकानों पर हूटर-सायरन और काली फिल्म कोई भी जाकर गाड़ी में लगवा सकता है। इसके लिए दुकानदार कुछ भी नहीं मांगते। प्रतिबंधित काली फिल्म और बिना पात्रता हूटर-सायरन लगाने के पीछे यह भी एक बड़ा कारण है। ने राजधानी में हूटर-सायरन व काली फिल्म लगी गाडिय़ों और इसके कारोबार की पड़ताल की।
बताते चले एक हूटर-सायरन वाले से बात की तो उसने बताया कि एसयूवी 500 गाड़ी के लिए हूटर-सायरन, डंडा, एम्पलीफायर, माइक सब सामान लगाने के लिए 8500 रुपए बताए। गाड़ी के ऊपर और बोनट के अंदर हूटर-सायरन लगाने के रेट अलग होते हैं। हूटर-सायरन को फिट करने के लिए पहले ऊपर एक रॉड लगाई जाएगी, जिसपर हूटर-सायरन लगाया जाएगा।

नीचे एक एम्पलीफायर लगाया जाएगा। चुनाव आदि में संबोधित करने के लिए माइक काम आएगा। बोनट वाला सादा हूटर-सायरन 1200-1500 रुपए में लग जाता है। उसमें रॉड, एम्पलीफायर, माइब किसी की जरूरत नहीं पड़ती है। बोनट के अंदर हूटर-सायरन फिट करके केवल एक स्विच गाड़ी के अंदर लगाना पड़ता है

विशेष संवाददाता

अजीत प्रताप सिंह लालू

कानपुर

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