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फुलझड़ी

Byadmin

Mar 29, 2022

फुलझड़ी―

केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय के जानिब बताया गया कि यूपी चुनावों में 8% मुसलमानों ने भाजपा को वोट किया, क्या यह यूपी की सत्ता में 8% हिस्सेदारी के लिए बनाई जा रही भूमिका हैं???

8% क्या 2% मुसलमानों ने भी भाजपा वोट दिया होता तो योगी जी 350 का आंकड़ा पार कर गए होते मुस्लिमों ने तो भाजपा को हराने के लिए ओवैसी तक को नोटा से कम 0.5% वोट देकर उसकी पार्टी का जनाजा निकाल दिया।

हिंदुओं को अब भाजपा नेताओं का भी झूठा नरेटिव सुनना व देखना बंद करना होगा।

देश में मुस्लिमों की आबादी 14.2% है पीएम मोदी के लागू की गई योजनाओं में इनकी आवास में 31.2%, किसान सम्मान निधि में 33%, फ्री गैस सिलेंडर में 36%, मुद्रा योजना में 37%, आयुष्मान योजना में 38% हिस्सेदारी है मतलब इन्होंने घर, सिलिंडर, इलेक्ट्रिसिटी, टॉयलेट, स्कॉलरशिप, सब्सिडी, शगुन, आयुष्मान इलाज, गर्भवती योजना, जन-धन, फ्री ITI कोचिंग, ODOP स्कीम से सारे फायदे में हिंदुओं से ज्यादा हिस्सेदारी ली और वोट न महिलाओं ने दिया न शियाओं ने; इसके अतिरिक्त 7 साल में मोदी सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपया इस समुदाय पर खर्च कर तुष्टिकरण के पिछली सभी सरकारों को पीछे छोड़ दिया फिर भी इनका विश्वास किसी भी राज्य में मोदी जी को नहीं मिला

जिसने दावा किया कि यूपी में 8% ने बीजेपी को वोट दिया है उसके गांव के बूथ पर बीजेपी को सिर्फ 2 वोट मिला मतलब उसके परिवार वालों ने भी साथ नहीं दिया आरोप लगता है कि भाजपा मुस्लिमों को टिकट नहीं देती लेकिन स्वर में भाजपा ने अपना दल के नवाब उम्मीदवार को अपना सिंबल देकर चुनाव लड़ाया वहां पर मुस्लिमों ने आजम के बेटे अब्दुल्ला आजम को जिता दिया; मुस्लिमों का कब्र, मकान, जमीन को हड़पने वाले आजम को मुस्लिमों ने जिताया उन्होंने सपा को जिताने के लिए ओवैसी को भी लात मार दी 71 मुस्लिम बाहुल्य सीटों में 69 में बीजेपी हार गई।

मुसलमानों ने अगर भाजपा को वोट दिया तो जेल में बंद आतंकी कैसे जीता? जेल में बंद माफिया मुख्तार का बेटा कैसे जीता? जेल में सजा काट रहा चिरकुट आजम कैसे जीता? सजा काट चुका आजम का बेटा कैसे जीता? देश के टुकड़े करने का इरादा रखने वाले कैसे जीते? मस्जिद से सपा को वोट देने के लिए क्यों बोला गया???

मोदी जी कहते है कि कांग्रेस ने इन्हें गरीब और अनपढ़ बनाया, हम अमीर और पढ़ा लिखा बना रहे हैं, इस सरकार में कुछ योजनाएं सिर्फ मुस्लिमों के लिए ही बनाया गया जैसे मुस्लिम कौशल विकास योजना; मजहबी मामलों में इस सरकार ने सबको पीछे छोड़ दिया।

मुस्लिम उत्पादित कुछ प्रोडक्ट्स पर 18% GST घटाकर 5% कर दिया, वक्फ बोर्ड की अवैध जमीन का डिजिटलाइजेशन कर मदद की, फ्री कोचिंग, फ्री ट्रेनिंग, ग्रेजुएट मुस्लिम लड़कियों को 51000, मुस्लिम छात्रों को 5200 करोड़ की छात्रवृत्ति, हिंदुओं के ओबीसी में मुस्लिमों के पिछड़ों को घुसाया और हिंदुओं की नौकरी मुसलमानों को मिली।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के अध्यक्ष फरहत अली के अनुसार रामपुर के उनके गांव में 1740 घर है; 1740 सिलेंडर दिए, 800 को फ्री आयुष्मान कार्ड, 117 को घर मिला; इस बूथ पर बीजेपी को सिर्फ 5 वोट मिला, हिंदुओं के टैक्स का पैसा दिया फिर भी विश्वास ही मिला वोट तो खैर क्या ही मिलता???

इस चुनाव से यह स्पष्ट हो गया कि मुस्लिम वोट उसी को मिलेगा जो भाजपा को हरा सके, तीन चुनाव हारने के बाद अब इस योजनाबद्ध वोटिंग का संचालन केन्द्र किसी संगठित संस्था के पास है इसलिए सत्तारूढ होकर तुष्टीकरण की सीमा लांघ दिखावे के लिए राष्ट्रवादी बहुसंख्यक समाज का हितैषी बनने का ढोंग करना निरर्थक है साहेब क्योंकि जब कोई भाजपा नेता कहता है कि हम बिना भेदभाव किये योजनाओं का लाभ सभी को देते हैं तो निरा बकचोंहर लगता है।

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