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बड़े दिलवाले

Byadmin

Oct 18, 2020

“बडे दिलवाले ….

गीता आज कुछ नाराज सी थी 65 नम्बर में नये आऐ भैया भाभी के बेटे का पाँचवां जन्मदिन है…
और शाम में बहुत सारे मेहमान आएंगे इसलिए उसे भी जाना है कामवाली जो है वो उनकी …..
मगर उन्होंने आज उसकी आठ साल की बिटिया को भी साथ लेकर आने को कहा है ….
माना काम आज थोड़ा ज्यादा होगा पर बिटिया को नहीं बुलाना चाहिए था साहब मेमसाब को…
और आज उसकी बिटिया का भी तो जन्मदिन है…
पर मना नहीं कर सकती गीता ….
नया काम पकड़ा था यहां उसने…. चलो मेहमानों को पानी या छोटा मोटा काम तो कर ही सकती है उसकी बेटी….वैसे भी हम गरीबों को अपने मन को मारना बचपन से आना चाहिए तभी हम जी सकते हैं… ये ही सोचते बिटिया को लेकर गीता नये साहब मेमसाब के यहां निकल गई….
“मां….. आज तूने वो आटे वाला हलवा भी नहीं बनाया… बेटी की बात सुनकर गीता के दिल की तकलीफ बढ़ गई… कुछ भी तो माँगती नहीं है ये मुझसे…
मुझे हलवा बनाकर आना चाहिए था।
“आज साहब के घर भी पार्टी है ना….
कुछ अच्छा खाने को मिलेगा ही…और नहीं मिला तो आकर बना दूँगी…गीता ने बेटी को दिलासा देते हुए कहा…..
साहब का घर आ चुका था पूरा घर सजा हुआ है, बहुत सारे बच्चे और मेहमान है….
“माफ़ करना मेमसाब…. थोड़ा लेट हो गई मै…
मुझे और बिटिया को काम बता दीजिए….गीता ने बेटी की तरफ देख अनमने मन से पूछा….
“मैंने आज काम करने के लिए नहीं बुलाया तुम्हें गीता…..
आओ …..ये लो और मेरी तरफ से ये नयी ड्रेस इसे पहना दो…..
आज इसका भी जन्मदिन है ना….
“जी……प..र….आपको कैसे मालूम…..गीता और उसकी बेटी ने नयी मेमसाब को हैरतअंगेज नजरों से देखा…

तुम जब इसका फॉर्म मुझसे भरवा रही थी तो मैंने देख लिया था…. तो मैंने इन्हें बताया ….बस तबसे ही हम दोनों ने सोचा की दोनों बच्चों का बर्थडे एकसाथ मना देते हैं…..
वहां उधर देखो दो केक भी है….
गीता की बेटी खुशी से कभी गीता को और गीता भीगी हुई पलकों से मेमसाब को देख रही थी….

“ऐसे मत देखो गीता…..अलग से कुछ नहीं किया मैंने…..
कहकर एक सुंदर सी ड्रेस पकडा कर चली गई….
उफ्फ….
एक मिनट गीता ….मे तो भूल ही गई थी ये लो नयी साडी ….तुम भी तो तैयार हो जाओ ….
बेटी के बर्थडे पर मां को भी तैयार होना होता है ….कहकर एक नयी साडी गीता के हाथों में पकडा उसे दूसरे कमरे में तैयार होने को ले गई….

गीता सोच रही थी मेमसाब को लगता है उन्होंने अलग से कुछ नहीं किया पर उसे पता है…
गरीबों के साथ इतना अलग करने की कोई सोचता भी नहीं है……
ऐसा तो बस बडे दिलवाले लोग ही कर सकते है …..
और फिर दोनों बच्चों ने सचमुच एकसाथ मिलकर काटा …खुशियों भरा केक….

संवाददाता

मीनाक्षी श्रीवास्तव

कानपुर

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