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बेईमानों बेशर्मों

Byadmin

Apr 18, 2021

बेईमानों बेशर्मों

सबसे बड़ा दोषी तो प्रधानमंत्री मोदी ही है।गलती तो सारी मोदी की ही है.।राहुल गांधी ने कोरोना के शिकार बने लोगों की जलती चिताओं की आग में राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास करते हुए यह जहर उगला है कि
“अस्पतालों में ना बेड है, ना ऑक्सीजन है, ना दवाई है।
प्रधानमंत्री की सत्ता लालसा देश में तबाही लेकर आई है।
एक साल बीतने के बावजूद भाजपा की तैयारियां शून्य हैं।”

अतः आज राहुल गांधी का सामना सच से कराना अत्यन्त आवश्यक है।देश को मिली आजादी के 73 साल बाद देश के अस्पतालों में ऑक्सीजन सुविधा युक्त 62458 बेड थे। कोरोना की आहट मिलते ही मार्च 2020 से जनवरी 2021 तक 8 महीने में 94880 ऑक्सीजन सुविधा युक्त अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कर दी गयी और देश के अस्पतालों में ऑक्सीजन सुविधा युक्त बेड्स की संख्या 157388 कर दी गयी। इसके लिए दोषी तो प्रधानमंत्री मोदी ही है। खबरदार जो उनको दोषी कहा जिनके पास 70 साल तक देश चलाने का ठेका था और जो 70 साल में देश को केवल 62458 बेड देकर गए थे।

आजादी के 73 साल बाद मार्च 2020 तक देश में 27360 ICU उपलब्ध थे। केवल 10 महीने में इसमें 32 प्रतिशत की वृद्धि कर उसे 36008 कर दिया गया।
लेकिन इसके लिए दोषी तो प्रधानमंत्री मोदी ही है। खबरदार जो उनको दोषी कहा जिनके पास 70 साल तक देश चलाने का ठेका था और जो 70 साल में देश को केवल 27360 ICU देकर गए थे।

ICU की इन बढ़ी हुई संख्या के लिए दोषियों का कारनामा भी अब जान लीजिए।

मार्च 2020 तक उत्तरप्रदेश के अस्पतालों में जितने ICU थे। उनकी संख्या केवल 10 महीने में 333 प्रतिशत बढ़ा दी गयी। लेकिन इसके लिए भी दोषी तो केवल प्रधानमंत्री मोदी ही है और मुख्यमंत्री योगी भी है। खबरदार अगर इसके लिए अगर उनको दोषी कहा जिनके पास 70 साल तक उत्तरप्रदेश चलाने का ठेका था और जो 70 साल में उत्तरप्रदेश को आज की तुलना में केवल एक चौथाई ICU बना कर दे गए थे।

खबरदार जो पूर्ण बहुमत वाली कांग्रेस की उस राजस्थान, पंजाब की सरकार को दोषी कहा जिसके शासनकाल में मार्च 2020 से जनवरी 2021 तक 10 महीने की अवधि में ICU की संख्या बढ़ने के बजाय क्रमशः 30.7 प्रतिशत और 62 प्रतिशत कम हो गयी। तीसरी पूर्ण बहुमत वाली कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सरकार उन 10 महीनों में ICU की संख्या केवल 2 प्रतिशत बढ़ा सकी।

लेकिन खबरदार जो छत्तीसगढ़ सरकार को दोषी कहा। क्योंकि दोषी तो केवल प्रधानमंत्री मोदी है और मुख्यमंत्री योगी भी है।देश को मिली आजादी के 73 साल बाद मार्च 2020 तक देश में कुल 47,000 हजार वेंटिलेटर उपलब्ध थे। इनमें से केवल 17000 वेंटिलेटर सरकारी अस्पतालों में थे। शेष 30000 वेंटिलेटर निजी अस्पतालों के पास थे। लेकिन कोरोना की आहट मिलते ही केवल 9 महीने में दिसंबर 2020 तक देश के सरकारी अस्पतालों में 36433 अतिरिक्त वेंटिलेटर उपलब्ध करा दिए गए थे।
लेकिन इसके लिए दोषी तो प्रधानमंत्री मोदी ही है।

खबरदार जो उनको दोषी कहा जिनके पास 70 साल तक देश चलाने का ठेका था और जो 70 साल में देश के सरकारी अस्पतालों को केवल 17000 वेंटिलेटर देकर गए थे। विशेष रूप से खबरदार जो पूर्ण बहुमत वाली कांग्रेस की उस राजस्थान, पंजाब की सरकार को दोषी कहा जिसके शासनकाल में मार्च 2020 से जनवरी 2021 तक 10 महीने की अवधि में वेंटिलेटर की संख्या बढ़ने के बजाय क्रमशः 28.4 प्रतिशत और 78.2 प्रतिशत कम हो गयी।

पिछले साल मार्च में लॉकडाउन की जब घोषणा की तो देश में केवल एक टेस्टिंग लैब थी। पिछले 12 महीने के दौरान देश में टेस्टिंग लैब की संख्या बढ़कर 2453 हो चुकी है। लेकिन इसके लिए दोषी तो मोदी ही है। खबरदार जो उनको दोषी कहा जिनके पास 70 साल तक देश चलाने का ठेका था और जो 70 साल में देश को एक टेस्टिंग लैब बना कर दे गए थे।

मोदी के ऐसे असंख्य दोष तो और भी बहुत से हैं।
लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के सबसे बड़े दोष का उल्लेख किये बिना इस पोस्ट को खत्म ही नहीं कर सकता।
मार्च 2020 में लॉकडाउन करने के बाद 80 करोड़ लोगों को 8 माह तक मुफ्त राशन और उनके परिवार को करोड़ों गैस सिलेंडर मुफ्त तथा 500 रूपये महीना देकर भूखों मरने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने अनाथ नहीं छोड़ा। उन्हें महामारी के महा संकट और महा विकरालता की मृत्यु तुल्य पीड़ा को झेलने ही नहीं दिया। इसलिए आज अगर वो मॉस्क सैनिटाइजर सोशल डिस्टेंसिंग की गम्भीरता नहीं समझ रहे, उसकी धज्जियां उड़ा रहे हैं तो इसके लिए दोषी तो प्रधानमंत्री मोदी ही हैं।

लॉकडाउन में कोरोना के कहर से बचाने के लिए छुट्टी देकर महीनों तक घर बैठाकर जिनको हराम में पूरी तनख्वाह दी गई आज अगर वो मॉस्क सैनिटाइजर सोशल डिस्टेंसिंग की गम्भीरता नहीं समझ रहे, उसकी धज्जियां उड़ा रहे हैं। लेकिन कोरोना फैलने का दोषी अगर प्रधानमंत्री मोदी को बता रहे हैं तो इसके लिए दोषी तो प्रधानमंत्री मोदी ही हैं।

कलकत्ता से 2000 किमी दूर मुंबई और 1500 किमी दूर दिल्ली में पिछले एक वर्ष से कोरोना अगर कहर ढा रहा है तो इसके लिये दोषी तो प्रधानमंत्री ही हैं, क्योंकि पिछले एक महीने से प्रधानमंत्री मोदी बंगाल में चुनावी रैलियां जो कर रहे हैं।

उल्लेख कर दूं कि ICU, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सुविधा युक्त बेड्स, टेस्टिंग लैब सम्बंधित आंकड़ें राज्यसभा में 2 फरवरी 2021 को देश के स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे द्वारा गैर तारांकित प्रश्न संख्या 102 के उत्तर में प्रस्तुत तथ्यों से लिये गए हैं। पता बता दिया है चमचे चाटूकार वहां से जानकारी ले सकते हैं। शेष कुछ तथ्यों के लिंक कमेंट में दे रहा हूं।

अपनी कल की पोस्ट “न्यूजचैनलों की विज्ञापनी नौटंकी में जोरशोर से पीटा जा रहा है केजरीवाल के झूठ का नगाड़ा…” का दूसरा भाग आज लिखना था। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में मुझे लगा कि आज यह पोस्ट लिखना सर्वाधिक आवश्यक है। इसलिए उस श्रृंखला को अभी अल्पविराम दिया।।

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