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मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कु. कृष्णा नार्वे को स्वावलम्बी बनाया

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Feb 6, 2021

(कहानी सच्ची है)
मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कु. कृष्णा नार्वे को स्वावलम्बी बनाया
मुरैना 06 फरवरी 2021/ व्यक्ति मन में कोई सोच ठान लें तो वह पूर्ण करके छोड़ता है। ऐसी ही सोच नूराबाद की कु. कृष्णा नार्वे ने सोच रखी थी, जिसे मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने पूरी की। कृष्णा नार्वे ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान मुरैना के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी सोच को साकार कर लिया है।
नूराबाद निवासी कृष्णा नार्वे ने बताया कि व्यक्ति के मन में ललक होनी चाहिये, व्यक्ति को मंजिल अवश्य मिल जाती है। कु. कृष्णा नार्वे ने बताया कि परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुये मैंने अपनी पढ़ाई कक्षा 12वीं तक की। परिवार की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी। इसलिये मैंने आगे की पढ़ाई नहीं की, किन्तु मन में ब्यूटीपार्लर खोलने की तमन्ना थी। कई बार पिताजी को ब्यूटीपार्लर खोलने के लिये जिद करती रहीं, किन्तु आर्थिक तंगी के कारण पिताजी सिर्फ आश्वासन ही दे सके, किन्तु ब्यूटीपार्लर खुलवाने में हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। पड़ौस में रहने वाली एक महिला ने बताया कि मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के लिये महिला समूह बनाये जा रहे है। उसने कृष्णा नार्वे से कहा कि अगर आप महिला समूह बना लेती है तो आप भी ब्यूटीपार्लर का प्रशिक्षण लेकर स्वयं का व्यवसाय खोल सकतीं है।
महिला की बात को सुनकर कु. नार्वे ने आस-पड़ौस की महिलाओं से चर्चा करके स्वयं के व्यवसाय को चलाने के मकसद से 10 महिलाओं का मां शीतला जनहितकारी स्व-सहायता समूह का गठन किया। समूह का गठन होने के पश्चात् महिलाओं ने प्रति सप्ताह 100 रूपये की राशि एकजाई की और उसे बैंक में जमा किया।
जिला पंचायत द्वारा मां शीतला जनहितकारी समूह की महिलाओं को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिलाये जा रहे थे, जिसमें महिलाओं को ब्यूटीपार्लर, सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण सेन्ट ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से दिया जा रहा था। मैंने भी अपना फार्म ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में जमा किया और एक महीने का ट्रेनिंग प्राप्त कर मैं ब्यूटीपार्लर के कार्य में दक्ष हो गई।
बैंक में धीरे-धीरे अच्छी खासी हमारे समूह की साख बन गई है। कुछ समय बाद बैंक ने आॅफर दिया कि आप छोटो-मोटा व्यवसाय करने के लिये ऋण बतौर 50 हजार रूपये की राशि ले सकते है। मैंने बैंक में अपना ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा दिया हुआ प्रमाणपत्र दिखाया तो बैंक ने मुझे 50 हजार रूपये की राशि ब्यूटीपार्लर के लिये जारी कर दी। बस फिर क्या था, मैंने ब्यूटीपार्लर की दुकान नूराबाद में खोली, जिससे दुकान धीरे-धीरे चलने लगी। अब तो शादी-विवाह के आॅडर दुल्हन सजाने के लिये मिलने लगे। अब मेरी आय शादी-विवाह में 15 से 20 हजार रूपये प्रतिमाह होनी लगी और नाॅर्मलतौर पर प्रतिदिन मुझे 400 से 500 रूपये की आय प्राप्त होने लगी। मैं अपने पैरों पर पूर्णतः खड़ी हो चुकीं हूं। अपने माता-पिता का भी घर कार्य में सहयोग कर रहीं हूं। मुझे मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और सेन्ट आरसेटी ने स्वावलम्बी बनाया। मैं प्रदेश सरकार का बहुत-बहुत आभारी हूं, जिन्होंने हम जैसे गरीब लोंगो के लिये यह योजना बनाई है।

डी.डी.शाक्यवार

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