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राजमिस्त्री

Byadmin

May 10, 2022

:-: राजमिस्त्री :-:

मनुवादी व्यवस्था में गृह निर्माण सम्बंधित कर्म करने वाले व्यक्तियों को राजमिस्त्री का दर्जा देकर ,सम्मान किया जाता था। वर्तमान संवैधानिक व्यवस्था में इन्हीं लोगों को लेबर,चतुर्थ श्रेणी, मजदूर कहा जाता हैं।वर्तमान में भी इंटीरियर,कारपेंटर आदि जैसे कारीगर वर्गों में अधिकतर लोग इसी राजमिस्त्री या विश्व कर्मा समुदाय के मिलेंगे।पीढ़ी दर पीढ़ी एक ही कार्य करने से कौशल और श्रेष्ठता बढ़ती हैं ।जिन राजमिस्त्रियों या विश्वकर्मा समुदाय के बनाये घरों व वस्तुओं का हम रहने व दिनचर्या में उपयोग करते हैं, तो कैसे हम उनके साथ हम छुआछूत कर सकते हैं ?? गृह निर्माण का कार्य करने वाले यह लोग वास्तुकार यानि वास्तुशास्त्र के ज्ञाता होते थे,तो फिर किस आधार पर कहा कि ब्राह्मणों के अलावा किसी और को शास्त्र पढ़ने का अधिकार नहीं था ?? समस्त कारीगर वर्ग देव विश्वकर्मा की संतान माने जाते हैं।बहकावें में आकर बुद्धू मत बनिए, विवेक का उपयोग कीजिये क्योंकि विजय सत्य की ही होगी।

धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

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