• Fri. May 20th, 2022

लोकतंत्र में जनता और सरकार दोनों का बराबर सहयोग होता है

Byadmin

Feb 25, 2022

लोकतंत्र में जनता और सरकार दोनों का बराबर सहयोग होता है, दोनों के ही अधिकार और कर्तव्य होते हैं।

ताजा किस्सा है यूक्रेन का….वहाँ युद्ध शुरू हो चुका है, और लोग बाग अपनी जान बचाने को भाग रहे हैं। यूक्रेन में कोई रातों रात स्थिति खराब नही हुई है, पिछले कुछ हफ़्तों से वहां मामला गरम ही था, और ऐसे में वहां के भारतीयों की सलामती के लिए सरकार भी जिम्मेदार है तो वो लोग भी जिम्मेदार हैं जो वहां अटके हुए हैं।

सरकार ने क्या किया??

February 15 : Advisory जारी की, कि सभी भारतीयों को तुरन्त यूक्रेन छोड़ देना चाहिए

February 16 : हवाई जहाज में कोविड की वजह से लागू किया Air bubble Arrangement खत्म किया गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगो को वापस लाया जा सके।

February 20 : Air India अपनी flights को postpone करने का सोच रहा था, क्योंकि यूक्रेन से भारतीय लोग booking ही नही कर रहे थे।

February 20 : भारतीय सरकार ने दूसरी Advisory जारी की और सभी भारतीयों को तुरन्त यूक्रेन छोड़ने को कहा

February 22: तीसरी advisory जारी की, सभी को तुरंत यूक्रेन छोड़ने को कहा।

February 22 : भारतीय students ने देश छोड़ने से मना किया, क्योंकि वहां की यूनिवर्सिटी ने Online classes पर कोई clarity नही दी थी। सरकार ने इसी दिन चौथी advisory भी जारी की।

February 22 : भारत सरकार ने 2 रूसी भाषा बोलने वाले अफसर भेजे, जो local यूनिवर्सिटीज और संस्थानों से बात करके भारतीयों को वापस ला सके।

February 24 : सरकार ने पांचवी advisory जारी की। चूंकि airspace बंद हो गया था, सरकार ने भारतीयों को घरों,होस्टल,होटल में ही रहने को कहा।

भारतीय स्टूडेंट्स को इतनी एडवाइजरी देने के बावजूद वो अगर वहीं हैं, तो इसमे किसकी गलती हुई??

दूसरी बात, लोग कह रहे हैं कि टिकट महंगी है…..यार ऐसी स्थिति में Air Evacuation में कितना risk है ये जानते हैं आप??? ऐसे में जान बचाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, ना कि टिकट के rate।

तीसरी बात….अब जैसा कि Airspace बन्द है, भारतीय सरकार सड़क के रास्ते भारतीयों को पड़ोस के देशों में move कर रही है, जैसे हंगरी, पोलैंड, रोमानिया में। उसकी भी cost लगेगी ही, लेकिन जान तो बचेगी ना….तो जान बचाओ।

युद्ध एक ऐसी विभीषिका है, जिसमे क्या होगा कोई predict नही कर सकता…..ऐसे में चाहे जनता हो या सरकार….Proactive कदम उठाने में ही फायदा होता है।

अगर स्थिति खराब है, तो वहां से निकल जाना ही बेहतर है….. कल तक studentz यूनिवर्सिटी के आदेशों का पालन कर रहे थे, online classes पर clarity का इंतज़ार कर रहे थे, आज उन्हें expectation है कि भारतीय सरकार उन्हें evacuate कर ले एकदम से…..ऐसा संभव नही होता..सरकार ने advisory दी, हवाई जहाज भी भेजे…अगर आपने बुकिंग नही की तो किसकी गलती मानी जाए??

Blame करना सबसे आसान काम है….लेकिन अपना कर्तव्य निभाना सबसे मुश्किल होता है। खैर…अभी भी कुछ नही बिगड़ा है, भारतीय सरकार रूस से लगातार संपर्क में है, साथ ही पड़ोस के देशों से भी संपर्क में है…..वहां safe house भी बना लिए हैं….आपका काम है भारतीय दूतावासों से संपर्क करना, और उनके निर्देशो का सख्ती से पालन करना……चिंता मत कीजिये, आपको निकाल लिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

AllEscort