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लोकतन्त्र विपक्ष व अभिव्यक्ति की आज़ादी

Byadmin

Feb 20, 2021

लोकतन्त्र विपक्ष व अभिव्यक्ति की आज़ादी ।

भारत एक लोकतांत्रिक देश है व सविंधान में हर नागरिक को अभिव्यक्ति की आज़ादी मिली है । लेकिन अभिव्यक्ति की आज़ादी में देश के किसी नांगरिक को यह आज़ादी तो बिल्कुल भी नही कि वो देश को गाली दे वो भारत के टुकड़े करने भारत की चिकन नेक काटने की बात करे या अलग देश ख़ालिस्तान की मांग करें ।
2016 में JNU जो वामपंथ का गढ़ है वहां क्या नारे लगे थे भारत तेरे टुकड़े होंगे इंसा अल्लाह इंसा अल्लाह हम लेके रहेंगे आज़ादी काश्मीर को आज़ाद करो अफजल हम शर्मिंदा है तेरे कातिल जिंदा है जो दिल्ली पुलिस ने JNU छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार उमर खालिद समेत 10 राष्ट्रगद्दारो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया । ऐसे नारों के सत्तापक्ष क्या विपक्ष क्या हर किसी को एतराज होना चाहिए था ऐसे नारों की भर्त्सना करनी चाहिए थी दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्येवाही की मांग करनी चाहिए थी लेकिन सभी वामपंथी नेता खान्ग्रेस के फाउल गांधी व दिल्ली के CM अल हरामी मोहम्मद केजरुद्दीन देशद्रोहियों की पीठ थपथपाने JNU में जाते हैं । CAA के विरोध के समय जामिया मिलिया कालेज के शर्जील इमाम ने क्या ब्यान दिया कि हम भारत की चिकेन नेक जो भूटान व बंगलादेश के बीच लगभग 16 किलोमीटर का जो हिस्सा है उसको काटकर पूर्वोत्तर भारत को भारत से अलग कर देंगे । क्या ये अभिव्यक्ति की आज़ादी है बिल्कुल नही ये देशद्रोह का मामला है व इन मामलों में दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह के मामले दर्ज भी किए पर दुर्भाग्य देखिये भारत का कि मुफ्त बिजली पानी का लालच महिलाओं को DTC में फ्री का लालच देकर सत्ता में आई पाप पार्टी AAP का मुखिया केजरुद्दीन दिल्ली पुलिस द्वारा दिल्ली सरकार से देशद्रोह के इन मुकदमों में इजाजत मांगी तो केजरुद्दीन सरकार 3 साल से ज्यादा उस देशद्रोह की इजाजत वाली फाइल पर कुंडली मारकर बैठ गई । व CAA के विरोध में पिछले साल दिल्ली में भीषण दंगे हुए 54 लोग मारे गए जिनमें 50 हिन्दू थे 2 हजार हिंदुओं की गाड़ियां जला दी गई हजारों करोड़ की सम्पत्ति हिंदुओं की जला दी गई । पाप पार्टी AAP के पार्षद ताहिर हुसैन की ही नही दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष MLA अमानुल्ला खान की भी इन दंगों में क्लियर भागीदारी थी केजरुद्दीन मनीष सिसोदिया व AAP सांसद संजय सिंह खुलकर दंगाइयों का बचाव कर रहे थे । हिंदुओं को लालच का अच्छा फल मिला दो सौ चार सौ करोड़ रु के फ्री के लालच में 50 हिंदुओं ने जान गवांई व दो हजार करोड़ रु की सम्पत्ति का उनका नुकशान हुआ । कहते हैं ना कि लालच बुरी बला काश ये बात दिल्ली के उन मूर्ख हिंदुओं के समझ आ जाए जिन्होंने केजरुद्दीन की पार्टी को वोट दिया था ।
अब जो तथाकथित किसान आन्दोल चल रहा है जो ख़ालितानी आंदोलन सिद्ध हो चुका है व जो गणतन्त्र दिवस पर दिल्ली में जो भीषण दंगे हुए थे 510 दिल्ली पुलिसकर्मी बुरी तरहं से जख्मी हो गए थे । लाल किले की प्राचीर पर तिरंगे का अपमान करके खालिस्तानी झंडा फहराया गया जिसे देखकर माँ भारती भी खूब आहत हुई होगी ।
जनवरी के आखिरी दिनों में अमरीका की पॉप स्टार रिहाना व पॉर्न फिल्मों की एक्ट्रेस मियां खलीफा व स्वीडन की पर्यावरण कार्येकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट जो तथाकथित किसान आंदोलन के समर्थन में किये थे तो खान्ग्रेस के रणदीप खुरजेवाला फाउल गांधी उसकी बहन पिंकी केजरुद्दीन व वामपंथियों की बांछें खिल गई धड़ाधड़ इन ट्वीट्स को रिट्वीट किये जाने लगा ।
लेकिन जो गणतन्त्र दिवस के दंगे का जो टूल किट बनाया था वो कैनाडा के मो धालीवाल के कहने पर मुम्बई हाइकोर्ट की वकील निकिता जैकब ने बंगलोर की दिशा रवि व महाराष्ट्र के शांतनु ने मिलकर तैयार किया बाकायदा 3 जनवरी से लेकर 26 जनवरी तक किस दिन क्या क्या करना है ट्वीटर पर # लगाकर क्या क्या ट्वीट करना है कैसे भारत की चाय व योग को बदनाम करना है पूरी दुनिया में व भारत के विदेशों के दूतावास पर कैसे विरोध प्रदर्षण करने है सारी प्लानिंग इस टूल किट में थी और हुआ भी वही जो टूल किट में था ।
रिहाना को ट्वीट करने लिए 18 करोड़ 25 लाख रु यानी 25 लाख डॉलर का भुगतान का खुलासा हो चुका है । मियां खलीफा व ग्रेटा थनबर्ग को कितना पैसा मिला दिल्ली पुलिस इसकी भी जानकारी बहुत जल्द जुटा लेगी ।
हुआ क्या नादान बच्ची ग्रेटा थनबर्ग ने दीशा रवि द्वारा भेजे गए टूल किट के लिंक को गलती से अपने ट्वीट में डाल देने से Z न्यूज़ व रिपब्लिक न्यूज़ ने 7 पन्नो के टूल किट की कॉपी निकाल ली । जब दीशा रवि ने ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट को देखा तो टूल किट जो उन्होंने गूगल पर तैयार किया गया था उसे ग्रेटा थनबर्ग ने अपने ट्वीट में लिंक कर दिया है तो उसने फ़ौरन ग्रेटा थनबर्ग को ट्वीट डिलीट करने को कहा वो ट्वीट ग्रेटा ने डिलीट कर भी दिया था पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी टूल किट के पूरे षड्यंत्र की कॉपी Z न्यूज़ व रिपब्लिक भारत न्यूज़ चैनल के हाथ में थी ।
11 जनवरी को एक वर्चुअल मीटिंग मो धालीवाल निकिता जैकब व दीशा रवि व 50 से 60 लोग इस मीटिंग में और भी बताए गए हैं । व दिल्ली पुलिस के रडार पर 1000 लोग वो भी हैं जिन्हें इस टूल किट के लिंक भेजे गए थे ।
ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट के बाद दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू की तो दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बंगलोर से दीशा रवि को गिरफ्तार कर लिया जो केजरुद्दीन कि AAP पार्टी की कार्येकर्ता भी है । 5 दिन पहले स्पेशल सेल ने निकिता जैकब के घर दबिश देकर उसके दो लैपटॉप व मोबाइल फोन की जांच की और उसके ब्यान भी लिए उसके बाद निकिता व शांतनु फरार हो गए । दीशा रवि की गिरफ्तारी पर फाउल गांधी उसकी बहन पिंकी जीजा रॉबर्ट केजरुद्दीन राघव चढा पाकिस्तान के PM इमरान खान विधवा विलाप कर रहे हैं । निकिता ने व शांतनु ने मुम्बई हाइकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई है जिसकी आज सुनवाई होनी है । बाकी कल के लेख में ।

जय हिन्दू राष्ट्र

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