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शुद्रवर्ण या F.M.C.G.

Byadmin

Jul 19, 2021

शुद्रवर्ण या F.M.C.G. :-:

Daily use का सामान बनाने वाली कंपनियां ,जिन्हें आजकल F.M.C.G. कहते हैं, वर्णव्यवस्था में उनको ही शूद्र जाति यानि सामान्य व्यवसाय कहते थे जैसे कि :-

  • मुसहर – दोना पत्तल बनाने वाले।
  • कुम्हार – मिट्टी का बर्तन बनाने वाले।
  • जुलाहा – कपड़े बनाने वाले।
  • मल्लाह – नाव चलाने वाले।
  • अहीर – दूध बेचने वाले।
    इसी तरह की लगभग 5000 जातियां यानि व्यवसायों को संवैधानिक षड्यंत्र के तहत ,शोषित और पिछड़ा घोषित किया गया,ताकि यह लोग धीरे धीरे अपना पारंपरिक व्यवसायिक कार्य करना छोड़ दे और इन सभी कार्यो पर विदेशी कम्पनियों का एकतरफा शासन हो जाये और भारतीयों को जाति के बहाने आपस में लड़वाकर मानसिक ग़ुलाम बनाया जा सके।
    आज भी सारी दुनिया के सभी लोग वही शुद्र वाला कार्य ही करते हैं, बस उन्हें बिज़नेस या इंडस्ट्री बोल दिया जाता हैं जैसे shoe industry, iron industry आदि।
    सन 1857 से शुरू हुआ ,यह षड्यंत्र सफ़ल भी हो गया,लेकिन वर्तमान में भारत की सनातन जातिव्यवस्था जो व्यापार आधारित थी,समस्त विश्व उसे ही अपना लेगा,क्योंकि उससे प्रकृति को कोई हानि नहीं होती थी।जीत धर्म की ही होगी।
    धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

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