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शुभ दीपावली

Byadmin

Nov 6, 2021

:-: शुभ दीपावली :-:
दीपावली का अर्थ हैं दीप + अवलि अर्थात पंक्ति में रखें हुए दीपक।दीपक बनता हैं मिट्टी का,मिट्टी से मतलब हैं शरीर।दीपक में घी डालकर,उसमें बत्ती लगाकर,उसे जलाते हैं।घी प्रतीक हैं सात्विक भोजन का और रुई की बत्ती प्रतीक हैं विनम्रता,जैसे सद्गुणों की तथा लौ प्रतीक हैं ऊर्जा यानि प्रकाश की।अपने शरीर रूपी दीपक में,घी रूपी सात्विक भोजन का सेवन करके,रुई की बत्ती के समान,स्वयं अपने अवगुणों को जलाकर,जो आत्मिक प्रकाश उत्पन्न होता हैं, वह जीवन में सुख,शांति लाता हैं।मन के अंदर जो अंधकार हैं, जैसा कि अमावस्या की रात में चारों ओर होता हैं, अगर एक लौ प्रेम या शांति की जलाई जाएं, तो वह पूरे मन को प्रकाशमय कर देता हैं।दीप का मतलब ,केवल एक मनुष्य और अवलि का मतलब ,मनुष्यों की पंक्तियां यानि समूह अर्थात धरतीं के सभी मनुष्यों द्वारा अपने अंदर प्रेम रूपी प्रकाश उत्पन्न किया जायें, तो समस्त धरतीं से अंधकार रूपी घृणा और नास्तिकता को समाप्त किया जा सकता हैं।क्योंकि घृणा या नास्तिकता का अंधकार, भले ही संपूर्ण धरतीं को अपने लपेटे में ले ले,फ़िर भी प्रेम रूपी प्रकाश की एक किरण भी,इस अंधकार को समाप्त करने के लियें पर्याप्त हैं।अब जब वर्तमान में चारों ओर घृणा और नास्तिकता का अंधकार फैला हुआ हैं, तो इसका मतलब हैं कि प्रेम का दीपक भी जलने को तैयार हैं, क्योंकि असत्य कितना भी बड़ा और प्रभावी क्यों न हो जाएं, विजय तो हमेशा सत्य की ही होगी।
!! दीपावली की शुभकामनाएं !!
धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

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