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सफ़ेद झूठ की बैसाखियों के सहारे की जा रही देशघाती राजनीति की धज्जियां उड़ा देता है यह तथ्यात्मक सच.

Byadmin

Oct 25, 2020

सफ़ेद झूठ की बैसाखियों के सहारे की जा रही देशघाती राजनीति की धज्जियां उड़ा देता है यह तथ्यात्मक सच.
क्या आप जानते हैं कि इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण 24 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लागू होने के 4 महीनों के बाद 31 जुलाई तक केन्द्र सरकार ने भारत में निर्मित 7.30 लाख करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन के निर्यात करने की अनुमति प्रदान की है।

देश में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रारम्भ किए गए “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” योजना को मिल रही ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सफ़लता तथा देश में अर्थव्यवस्था की सेहत का सच यह एक तथ्य ही बता देता है।

उपरोक्त तथ्य राहुल गांधी गांधी समेत विपक्षी खेमे और लुटियनिया मीडिया द्वारा लगातार की जा रही उस झूठी, घृणित और देशघाती बयानबाजी की धज्जियां भी उड़ा रहा है जिसके द्वारा राहुल गांधी गांधी समेत विपक्षी खेमा और लुटियनिया मीडिया सरासर सफ़ेद झूठ बोलकर “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” योजना का भद्दा अश्लील मज़ाक लगातार उड़ाता रहा है और आज भी उड़ाता है।

7.30 लाख करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन के भारत से निर्यात की गौरवशाली उपलब्धि की उपरोक्त सच्चाई राहुल गांधी गांधी समेत विपक्षी खेमे और लुटियनिया मीडिया के गठबंधन के उस सफ़ेद झूठ की भी धज्जियां उड़ा रहा है जिसके द्वारा देश की अर्थव्यवस्था तबाह बरबाद ध्वस्त हो जाने का सफ़ेद झूठ फैलाकर ये गठबंधन देश के लोगों को भयभीत, भ्रमित करने और देश को अपमानित करने का कुकर्म लगातार करता रहा है और आज भी कर रहा है।

उपरोक्त तथ्य केवल कोई अपवाद मात्र नहीं है.पिछले वर्ष 2019 में अप्रैल से जुलाई के मध्य 4 माह की समयावधि में भारत द्वारा पूरी दुनिया को किए गए 19.33 लाख टन इस्पात के निर्यात से लगभग 140 प्रतिशत अधिक (46.41 लाख टन) इस्पात का निर्यात भारत ने इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के मध्य की 4 माह की समयावधि में किया है।

इसके अलावा एक चौंकाने वाली वाली सच्चाई यह भी है कि पिछले वर्ष 2019 में अप्रैल से जुलाई के मध्य भारत द्वारा चीन को किए गए 162 मिलियन डॉलर मूल्य के इस्पात के निर्यात की तुलना में इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के मध्य की 4 माह की समयावधि में भारत द्वारा चीन को लगभग 10 गुना अधिक (1.5 बिलियन डॉलर) राशि का इस्पात निर्यात किया गया है।

उपरोक्त तथ्य राहुल गांधी गांधी समेत विपक्षी खेमे और लुटियनिया मीडिया के गठबंधन के उस सफ़ेद झूठ की भी धज्जियां उड़ा रहा है जिसके अनुसार भारत की सरकार और भारत का प्रधानमंत्री चीन से डर गया है, दब गया है।

कोरोना काल के दौरान आर्थिक मोर्चे पर भारत ने केवल उपरोक्त उपलब्धियां ही हासिल नहीं की हैं. ऐसी आर्थिक उपलब्धियों सफलताओं की सूची बहुत लम्बी है. उनमें से कुछ अन्य का उल्लेख भी यहां कर रहा हूं. इस वित्तीय वर्ष के पहले 5 महीनों (अप्रैल से अगस्त 2020) में देश में 27.1 बिलियन डॉलर की FDI आयी है. यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान इन्हीं 5 महीनों के दौरान देश में आयी 23.35 बिलियन डॉलर की राशि से 16 प्रतिशत अधिक है तथा इस राशि ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पिछले 73 वर्षों के दौरान किसी भी वित्तीय वर्ष के पहले 5 महीनों में इतनी बड़ी राशि की FDI देश में कभी नहीं आयी है।

जरा सोचिए कि जिस देश की अर्थव्यवस्था तबाह बरबाद और ध्वस्त हो चुकी हो, उद्योग धंधे चौपट और बंद हो चुके हों। उस देश में विदेशी निवेशक क्या FDI के रूप में अपनी इतनी बड़ी राशि झोंक देंगे कि 73 वर्ष का रिकॉर्ड टूट जाए लेकिन राहुल गांधी गांधी समेत विपक्षी खेमे और लुटियनिया मीडिया का गठबंधन हमको आपको पूरे देश को अपने इसी झूठ का ज़हर पिलाने की कोशिश लगातार कर रहा है कि देश की अर्थव्यवस्था तबाह बरबाद और ध्वस्त हो चुकी है, उद्योग धंधे चौपट और बंद हो चुके हैं।

उपरोक्त आर्थिक उपलब्धियां उस झूठ की भी धज्जियां उड़ा देती हैं कि पिछले 5 महीनों में 12 करोड़ लोगों की नौकरियां चली गई हैं और वो बेरोजगार हो गए हैं।

यदि यह सच है तो फिर उन कल कारखानों बाजारों में क्या भूत प्रेत जिन्न काम कर रहे थे जिनके कारण भारतीय अर्थव्यवस्था ने उन रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धियों को प्राप्त किया, जिनका उल्लेख ऊपर किया है।

अन्त में दो तथ्यों के उल्लेख के साथ लेख समाप्त करूंगी.

पहला तथ्य: मनमोहन सिंह की कांग्रेसी यूपीए सरकार के शासनकाल के 6 वर्ष (2008 से 2014) के मध्य देश में में 237.31 बिलियन डॉलर की FDI आयी थी. जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की NDA सरकार के शासनकाल के 6 वर्ष (2014 से 2020) के मध्य देश में 358.29 बिलियन डॉलर की FDI आयी है।

यह राशि मनमोहन सिंह की कांग्रेसी यूपीए सरकार के शासनकाल के 6 वर्ष (2008 से 2014) के मध्य देश में आयी 231.37 बिलियन डॉलर की FDI से 55 प्रतिशत अधिक है।

दूसरा तथ्य: अगस्त 2020 में EPFO में 10.06 लाख नए सदस्य जुड़े हैं. यह तथ्य संगठित क्षेत्र में एक महीने की अवधि में मिली नयी नौकरियों की संख्या बता रहा है. यह संख्या जुलाई में EPFO से जुड़े नए सदस्यों की संख्या से लगभग 34% अधिक है।

लेकिन राहुल गांधी गांधी समेत विपक्षी खेमे और लुटियनिया मीडिया का गठबंधन हमको आपको पूरे देश को अपने इस झूठ का ज़हर पिलाने की कोशिश लगातार कर रहा है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को तबाह बरबाद और ध्वस्त कर दिया है।

करोड़ों लोगों को बेरोजगार कर दिया है।

अन्त में यही कहूंगी कि…ध्यान रखिए देश के साथ लगातार सरासर सफ़ेद झूठ बोल कर देश की आंखों में धूल झोंकने वाला, देश में भय भ्रम और अविश्वास अस्थिरता फैलाने वाला धूर्त दुष्ट भी देश का उतना ही बड़ा दुश्मन होता है जितना कोई आतंकवादी होता है… इसलिए ऐसे धूर्तों जालसाजों, देश के दुश्मनों के झूठ की धज्जियां उड़ाना हमारा, आपका सबका राष्ट्रीय दायित्व और राष्ट्रीय कर्तव्य है।

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