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सरस्वती देवी

Byadmin

Feb 5, 2022

:-: सरस्वती देवी :-:
ब्रह्मांड का वह ऊर्जा केंद्र ,जहाँ से समस्त ब्रह्मांड में बुद्धि, विवेक,संगीत आदि का प्रसार होता हैं, उसे सनातनी संस्कृति में सरस्वती लोक कहा गया हैं और उसके स्वरूप को समझाने के लिए सरस्वती देवी को चित्रित किया गया हैं, जिससे जो लोग बुद्धि प्राप्त करना चाहते हैं, वह ब्रह्मांड के सरस्वती ऊर्जा क्षेत्र पर अपना ध्यान केंद्रीत कर सकें।सरस्वती देवी समेत सभी सनातनी मूर्तियां ब्रह्मांडीय ऊर्जा की प्रतीक हैं और पूर्णतः अतिअत्याधुनिक सनातनी ब्रह्मांडीय विज्ञान पर आधारित हैं।नटराज,शिव आदि को कथित आधुनिक विज्ञान भी स्वीकार कर चुका हैं और भविष्य में अन्य सनातनी मूर्तियों को भी स्वीकार कर लेंगे।इसलिये सनातनियों में हीनभावना भरकर,उन्हें पाखंडी व अंधविश्वासी प्रमाणित करके,अपने आप को नास्तिक और मूर्तिपूजा को पाखंड बताने वाले बौद्ध सम्प्रदाय के महापुरुष माँ सरस्वती के बारें में अपशब्द ब अशोभनीय बातें करतें हैं क्योंकि इन्होंने सरस्वती जी के मूर्तिस्वरूप के समान ही बेंजाइंटन नामक देवी प्रचारित की हुई हैं।भारत के बाहर समस्त विश्व को यह विश्वास दिलाया जा रहा हैं कि जितना भी सनातनी ज्ञान,ग्रंथ व मूर्तिया हैं, वह सब बौद्ध सम्प्रदाय का हैं,जिन्हें ब्राह्मणों ने चुराकर,भारतीयों को अपना ज्ञान बताकर प्रचारित किया।सारा षड्यंत्र बौद्धिक संपदा की चोरी के लिए किया गया हैं।विजय सत्य की ही होगी।
!! वसंत पंचमी की शुभकामनाएं !!

धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

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