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सिंघम क्राइम कंट्रोलर सब इंस्पेक्टर अनूप मणि त्रिपाठी को हजम नहीं कर पा रहे

Byadmin

Dec 23, 2020

श्रावस्ती सिंघम क्राइम कंट्रोलर सब इंस्पेक्टर अनूप मणि त्रिपाठी को हजम नहीं कर पा रहे अपराधियों को संरक्षण देने वाले जनप्रतिनिधि श्रावस्ती से कराया स्थानांतरण जनप्रतिनिधियों के कार्यशैली राजनैतिक हस्तक्षेप चर्चा का विषय बना। लखनऊ। पुलिस विभाग उत्तर प्रदेश जांबाज सब इंस्पेक्टर प्रख्यात श्रावस्ती सिंघम क्राइम कंट्रोलर अनूप मणि त्रिपाठी बेहतर कानून व्यवस्था शांति व्यवस्था जन सुरक्षा के मामलों में काफी सक्रिय सब इंस्पेक्टर के रूप में चर्चित हैं इसके अलावा पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों जनपदीय अधिकारियों के दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में भी अपने दायित्व के निर्वहन में सदैव अग्रणी रहे हैं उनकी सक्रियता कतिपय जनप्रतिनिधियों जो अपराधिक तत्वों को संरक्षण देने वाले हैं कतई हजम नहीं कर पा रहे हैं और ऐसे जांबाज सिंघम का स्थानांतरण कराने की दिशा में एड़ी से चोटी तक पूरी शक्ति लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं विश्व को सत्य शांति एवं अहिंसा का उपदेश देने वाले तथागत गौतम बुद्ध की तपोभूमि श्रावस्ती क्षेत्र में गैर कानूनी कार्य करने वालों अराजक तत्वों दहशतगर्दी को कानूनी शिकंजे में लेकर उन्हें नाकों चने चबाने के लिए विवश कर देने वाले इस जांबाज सब इंस्पेक्टर श्रावस्ती सिंघम ने हर समय शासन एवं पुलिस प्रशासन के दिशा निर्देशों के अनुसार समर्पित भाव से कार्य किया है और इसी तरह अपने दायित्वों का निर्वहन करते आ रहे हैं कतिपय जनप्रतिनिधि जो गैर कानूनी कार्य को प्राथमिकता देते हैं उनके अनुसार जांबाज सिंघम अनूप मणि त्रिपाठी कठपुतली बनकर कतई चलने वाले सब इंस्पेक्टर नहीं है इसलिए उनका स्थानांतरण राजनैतिक दबाव के जरिए देवीपाटन मंडल मुख्यालय गोंडा कराया गया जैसा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रावस्ती जनपद पड़ोसी देश नेपाल सीमा से सटा हुआ है और नेपाल की सीमाएं अपराधिक दृष्टिकोण से काफी संवेदनशील हैं श्रावस्ती इकौना गिलौला मल्हीपुर भिनगा थाना क्षेत्रों में वाह घुसपैठियों पर पैनी नजर रखने अपराधिक तत्वों के विरुद्ध सघन धरपकड़ अभियान चलाने वाले वन माफियाओं लकड़ी माफियाओं पर पैनी नजर रखने वाले जांबाज सब इंस्पेक्टर एवं श्रावस्ती सिंघम की बेहतरीन कार्यशैली पूरे श्रावस्ती जिले में प्रख्यात है शासन और पुलिस विभाग के मनसा अनुरूप विभागीय दायित्वों के निर्वहन के प्रति समर्पित जांबाज सब इंस्पेक्टर अनूप मणि त्रिपाठी गैर कानूनी कार्य करने वालों से कभी संतुष्ट नहीं रहे हैं और गैर कानूनी कार्य करने वालों के विरुद्ध हमेशा समुचित कार्रवाई करना मुनासिब समझा है यही वजह है कि पुलिस थानों पर राजनैतिक दबाव देने वाले जनप्रतिनिधि इस जांबाज सब इंस्पेक्टर को हजम नहीं कर पा रहे हैं और ऐसे इंस्पेक्टर को जनपद में रखना चाहते हैं जो उनकी कठपुतली बनकर कार्य करें ऐसी जन चर्चा है उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को चाहिए कि विधायक मंत्रियों को निर्देशित करें कि पुलिस के अपराध निरोधक कार्यों में नाजायज हस्तक्षेप ना करें और पुलिस को अपना कार्य करने दे तो वास्तव में न सिर्फ श्रावस्ती जनपद अपितु संपूर्ण उत्तर प्रदेश में अपराध का ग्राफ काफी हद तक कम हो सकेगा और अपराधियों के हौसले भी पस्त हो जाएंगे ऐसी मांग श्रावस्ती जनपद वासियों शहीद प्रदेश वासियों ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन से की है उधर जन चर्चा यह भी है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है भाजपा के कतिपय जनप्रतिनिधि क्षेत्र विकास जन समस्याओं की सुनवाई पर ज्यादा ध्यान न देकर अपने मुताबिक पुलिस थानों में सब इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर की तैनाती उच्च अधिकारियों पर दबाव बनाकर कराते रहते हैं और अपने मंसूबे में कामयाब होते रहते हैं इस पर प्रदेश सरकार को ध्यान देना चाहिए और ऐसे जनप्रतिनिधियों की जांच करा कर उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई कराई जानी चाहिए ताकि पुलिस पर राजनीतिक दबाव देने की कोई जनप्रतिनिधि हिम्मत न जुटा सके जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली से कहीं ना कहीं प्रदेश सरकार की भी छवि धूमिल होती है यह भी निर्विवाद सत्य है कि माननीय होने के नाते चाहे पुलिस थानों के जिम्मेदार अधिकारी हों अथवा मंडल जनपदीय अधिकारी सनी जनप्रतिनिधियों का सम्मान करते हैं उनकी बातें मानते भी हैं लेकिन जनप्रतिनिधियों को भी अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए अपने स्वार्थ सिद्धि के कारण पुलिस विभाग सहित अन्य सरकारी विभाग के अधिकारियों पर नाजायज रूप से राजनैतिक दबाव बनाने के कार्यों से बाज आना चाहिए आमतौर पर बहुत कम ही लोग हैं जो राजनैतिक दबाव देने से परहेज करते हैं अधिकांश जनप्रतिनिधि अपनी हनक एवं रुतबा कायम करने के लिए अपने विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दबाव से स्थानांतरण तैनाती कराने में काफी सक्रिय रहते हैं प्रदेश सरकार को जनप्रतिनिधियों को इस दिशा में एक स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करना चाहिए के अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव देना बंद करें और उन्हें अपना कार्य विभागीय मनसा अनुरूप करने दें यदि इस पर सरकार ध्यान नहीं देगी तो निश्चित रूप से प्रदेश में चल रही भाजपा की सरकार आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव में लोहे के चने चबाने के लिए विवश होगी ऐसी चर्चा प्रदेश की जनता जनार्दन के मध्य अग्नि से शुरु हो गई है

संपादक

सी बी मणि त्रिपाठी

बलरामपुर

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