• Sun. May 22nd, 2022

सूर्यग्रहण और सूतक

Byadmin

Jul 17, 2021

सूर्यग्रहण और सूतक :-:
सूर्य ग्रहण के समय प्रकाश संश्लेषण , ठीक से न होने के कारण,पेड़ पौधों को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाते,जिससे पौधों को अपना पेट पालने के लिये, पुराने बचे भोजन से ही काम चलाना पड़ता हैं।पर्याप्त सूर्य किरणें न आने से ,धरती पर हानिकारक बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं, जिसके कारण सभी प्रकार का भोजन,दूषित हो जाता हैं।ये हानिकारक बैक्टीरिया ,पेड़ पौधों की पत्तियों पर भी चिपक जाते हैं,इसलिये ग्रहण के समय तुलसी जी या अन्य पेड़ पौधों के फल पत्ती, तोड़कर खाने को मना किया जाता हैं।वेदानुसार डोम या मेहतर जाति, जिन्हें वर्तमान में पिछड़ा,शोषित कहा जाता हैं, इस जाति के लोग साफ़ सफ़ाई औरअंतिम क्रियाकर्म जैसे महत्वपूर्ण कार्य करके,हानिकारक बैक्टीरिया को मारकर, लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं, इसलिये किसी भी ग्रहण के समय,अपनी क्षमतानुसार डोम जाति के लोगों को दान देना अनिवार्य हैं।सफाई कर्म करने के कारण,इनके शरीर पर भी हानिकारक बैक्टीरिया चिपके हो सकते हैं, जिससे संक्रमण फैल सकता हैं, इसलिये डोम जाति के व्यक्ति से मिलने के बाद ,हमेशा स्नान अवश्य करना चाहिए।यह कोई छुआछूत नहीं, वरन स्वस्थ रहने की सनातन हाइजीनिक प्रणाली थी।
धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

AllEscort