• Tue. Jun 28th, 2022

:-: U.P.S.C :-:
ब्रिटिश ग़ुलामी न करनी पड़े,इसलिये दीनदयाल उपाध्याय जी ने प्रशासनिक सेवा (UPSC) की परीक्षा पास करने के बाद भी आईएएस की नौकरी नहीं की।हर वर्ष लाखों छात्र,जो परीक्षा की तैयारी में दिनरात पढ़ते हैं,उन्हें वर्तमान की संवैधानिक व्यवस्था की पूरी जानकारी होती हैं कि उसे किसने,क्यों,कब और किसलिये बनाया??इस वर्ष भी देश में,जिन 700 लोगों ने UPSC की परीक्षा उत्तीर्ण की हैं,वे सभी लोग ,इस बात को अच्छी तरह से जानते हुए भी कि सन 1950 में संविधान को,भारतीयों को ब्रिटिश संस्कृति की आदत लगवाकर,मानसकि ग़ुलाम बनाने लागू किया गया था।इन्हीं लोगों ने झूठे मान सम्मान,पद प्रतिष्ठा के लिये,आम जनता पर कानूनों की सहायता से ब्रिटिश संस्कृति को भारतीयों पर लागू करके,सनातन संस्कृति का लोप करवाया।
एक आईएएस अपने जिले का राजा होता हैं, उसका अपने जिले की सारी व्यवस्था पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण होता हैं।राजा की अनुमति के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता,फ़िर इस देश या जिले का पर्यावरण प्रकृति कैसे और किसकी अनुमति से नष्ट हुई ??,यह प्रश्न आप इनसे कर सकते हैं।यह लोग चाहें तो महीनें भर में सारी समस्याएं समाप्त करके,देश की जनता को सच्चाई से अवगत करा सकते हैं,लेकिन निज स्वार्थ के चलते,अधर्म का विरोध नहीं कर पाते और जो करतें हैं, वो फ़िर अपने पद पर नहीं रह पाते।जिन्हें आज आप समाज का गौरव समझ रहे हैं,निकट समय में,आपको उन्हें अपने समाज का बोलने में भी अच्छा अनुभव नहीं होगा,क्योंकि अधर्म कितना भी बढ़ जाए,एक दिन, जीत केवल सत्य की ही होगी।
धन्यवाद :- बदला नहीं बदलाव चाहिए

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